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Pretika · Jinn & Spirits · 2 मिनट
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तुमने कभी ऐसा महसूस किया है — रात के उस पहर में, जब घर की हर आवाज़ सो चुकी होती है, जब छत का पंखा भी थका-सा घूम रहा होता है, और तुम अपने बिस्तर पर अकेले लेटे होते हो — कि कमरे में कोई और भी है? तुम खुद को समझाते हो, नहीं, मैं तो अकेला हूँ, दरवाज़ा बंद है, खिड़की बंद है, कोई नहीं है। पर आज मैं तुम्हें एक बात बताता हूँ, जो शायद तुम्हारी आज की नींद उड़ा दे — तुम कभी अकेले थे ही नहीं।
जिस पल तुमने इस दुनिया में अपनी पहली साँस ली थी, ठीक उसी पल, इस दिखने वाली दुनिया के परदे के ठीक पीछे, आग और धुएँ से बना हुआ कोई और भी पैदा हुआ था। बिलकुल तुम्हारे साथ। तुम्हारी हर साँस से बँधा हुआ, तुम्हारी हर धड़कन को गिनता हुआ। हमारे बड़े-बूढ़े उसे एक नाम देते थे — हमज़ाद। यानी वो साया, जो तुम्हारे जन्म के साथ पैदा होता है और तुम्हारी मौत तक तुम्हारे साथ चलता है।
ज़्यादातर लोगों का हमज़ाद उम्र भर सोया रहता है। उन्हें कभी पता ही नहीं चलता कि वो अकेले नहीं हैं।
पर आज की कहानी उस लड़की की है, जिसका हमज़ाद... जाग गया।
- Writer
- Pretika
- Story
- हमज़ाद
- Chapter
- 1 of 31
- Category
- Jinn & Spirits
- Reading time
- 2 min
- Words
- 201
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- 3 parts free · 28 unlock with coins
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