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Episode 1 — वापस आई बच्ची
firoj saifi · Haunted Places · 2 मिनट
पिछली घटनाओं के कुछ महीने बाद माही शहर में अपनी जिंदगी सामान्य करने की कोशिश कर रही है। लेकिन पिछले कई दिनों से उसे एक ही सपना आ रहा है।
एक छोटी बच्ची अंधेरे कमरे में खड़ी रहती है।
वह हर बार सिर्फ एक बात कहती है—
“मुझे बाहर निकालो...”
एक रात माही अचानक उठती है। कमरे में कोई नहीं होता, लेकिन फर्श पर छोटे-छोटे गीले पैरों के निशान दिखाई देते हैं।
निशान उसके बिस्तर से शुरू होकर खिड़की तक जाते हैं।
माही खिड़की खोलती है।
बाहर कोई नहीं।
तभी उसके फोन पर एक अनजान नंबर से संदेश आता है—
“वापस हवेली आओ।”
अगले दिन वह शर्मा हवेली पहुँचती है।
रामदीन उसे देखकर खुश होने के बजाय डर जाता है।
माही: “काका, आप मुझसे कुछ छुपा रहे हैं?”
रामदीन तस्वीर देखकर चौंक जाता है।
तस्वीर में छोटी माही के साथ वही रहस्यमयी बच्ची खड़ी होती है।
रामदीन: “इसे जला दो, बिटिया।”
माही: “क्यों?”
रामदीन धीमे से कहता है—
“क्योंकि ये बच्ची मर चुकी है।”
रात में माही अपने पुराने कमरे में जाती है। वहाँ उसे बचपन की एक तस्वीर मिलती है जिसमें वह उसी बच्ची का हाथ पकड़े हुए है।
पीछे तारीख लिखी है—2004।
माही को कुछ भी याद नहीं।
वह अपने पिता अरमान से सवाल करती है।
अरमान आखिरकार कहता है—
“तुम्हारी यादें हमने खुद मिटाई थीं।”
माही पूछती है—
“किससे बचाने के लिए?”
अरमान कहता है—
“उस चीज़ से... जो तुम्हारे पैदा होने से पहले से तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी।”
माही तहखाने में जाती है।
वहाँ उसे 1999 की डायरी मिलती है।
एक पन्ने पर लिखा है—
“बच्ची को दरवाज़े से दूर रखना होगा।”
तभी काला दरवाज़ा अपने आप खुल जाता है।
अंधेरे में वही बच्ची दिखाई देती है।
बच्ची: “तुम्हें याद नहीं?”
माही पीछे हटती है।
बच्ची कहती है—
“तुम बाहर चली गई थीं... लेकिन मैं यहीं रह गई।”
अचानक दरवाज़े के अंदर माही जैसी दिखने वाली दूसरी लड़की खड़ी हो जाती है।
दूसरी माही: “अब तय करो... बाहर कौन जाएगा?”
CUT TO BLACK.
- Writer
- firoj saifi
- Story
- “आखिरी दरवाज़ा” — Season 3
- Chapter
- 1 of 8
- Category
- Haunted Places
- Reading time
- 2 min
- Words
- 328
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
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