Pretika › Haunted Places › “आखिरी दरवाज़ा” — Season 3

Episode 2 — 1999 की रात

firoj saifi · Haunted Places · 3 मिनट

माही अपने सामने खड़ी दूसरी माही को देखकर स्तब्ध है।
वह पूछती है—
“तुम कौन हो?”
दूसरी माही मुस्कुराती है।
“जिसे तुमने भूल दिया।”
अचानक दरवाज़ा बंद हो जाता है।
माही बाहर निकलती है तो अरमान और रामदीन तहखाने में पहुँचते हैं।
अरमान अपनी बेटी को देखकर समझ जाता है कि वह चीज़ फिर जाग चुकी है।
माही अपने पिता से सच बताने की मांग करती है।
इस बार अरमान सब बताने का फैसला करता है।
वह बताता है कि 1999 में माही के जन्म से पहले शर्मा परिवार में एक पुराना विश्वास था।
परिवार मानता था कि हवेली के नीचे एक ऐसी शक्ति मौजूद है जो परिवार की पीढ़ियों से जुड़ी हुई है।
माही की माँ गर्भवती थी।
परिवार ने उस शक्ति को हमेशा के लिए बंद करने के लिए अनुष्ठान किया।
लेकिन अनुष्ठान के दौरान एक गलती हुई।
दरवाज़ा खुल गया।
अंदर से आवाज आई—
“जिसे तुम बचाना चाहते हो... वही मेरी होगी।”
उसी रात माही का जन्म हुआ।
जैसे ही उसने पहली बार रोना शुरू किया, दरवाज़ा बंद हो गया।
परिवार ने सोचा कि खतरा खत्म हो गया।
लेकिन असली समस्या तब शुरू हुई।
माही बड़ी होने लगी और उसे एक अदृश्य बच्ची दिखाई देने लगी।
उसकी माँ ने डरकर उसकी यादें दबाने की कोशिश की।
2004 में माही पहली बार उस बच्ची के साथ तहखाने में गई थी।
वहीं से सब कुछ बदल गया।
माही को अचानक याद आता है कि बच्ची ने उसे दरवाज़े से बाहर धक्का दिया था।
लेकिन बच्ची खुद अंदर रह गई थी।
माही पूछती है—
“उसने मुझे क्यों बचाया?”
अरमान जवाब नहीं देता।
तभी हवेली में एक पुरानी घड़ी अपने आप चलने लगती है।
घड़ी ठीक उसी समय पर रुकती है—
3:17 AM.
अरमान का चेहरा डर से बदल जाता है।
माही: “क्या हुआ?”
अरमान कहता है—
“यही वो समय था जब तुम्हारी माँ ने तुम्हें पहली बार देखा था।”
अचानक ऊपर से माही की माँ की आवाज आती है—
“अरमान...”
माही और अरमान ऊपर जाते हैं।
घर खाली है।
लेकिन दीवार पर खून नहीं, बल्कि लाल स्याही से एक संदेश लिखा है—
“मुझे मेरा हिस्सा वापस चाहिए।”
उसी समय माही का सिर दर्द से फटने लगता है।
उसे एक दृश्य दिखाई देता है—
उसकी माँ एक नवजात माही को गोद में लेकर रो रही है।
और पीछे काला दरवाज़ा खुला है।
दरवाज़े के अंदर कोई खड़ा है।
लेकिन इस बार माही उस चेहरे को पहचान लेती है।
वह चेहरा उसके पिता का है।
CUT TO BLACK.

Writer
firoj saifi
Story
“आखिरी दरवाज़ा” — Season 3
Chapter
2 of 8
Category
Haunted Places
Reading time
3 min
Words
406
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

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