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अगली फ़रमाइश
Pretika · Ghost Stories · 3 मिनट
पंद्रह अगस्त की सुबह नसीम की चिट्ठी वाली पेटी में पोस्टकार्ड नहीं आया।
बूढ़े ने तीन बार पेटी खोलकर देखी। फिर उसने शटर उठाया, कुर्सी बाहर निकाली और गली की तरफ़ मुँह करके बैठ गया।
बयालीस साल में पहली बार, चौदह की रात के बाद कोई नाम नहीं आया था।
वह दिन भर वहीं बैठा रहा।
उसी दिन, दिल्ली में, आकाशवाणी भवन की तीसरी मंज़िल पर तान्या मिश्रा अपने कंप्यूटर के सामने बैठी थी।
आर्काइव के सर्वर पर एक नई फ़ाइल आई थी। यह अजीब था, क्योंकि रात की पाली वाला आदमी तीन दिन से ग़ैरहाज़िर था और उसका फ़ोन बंद आ रहा था।
उसने फ़ाइल का विवरण खोला।
अपलोड की तारीख़ : चौदह अगस्त। समय : रात्रि नौ बजकर पंद्रह मिनट।
स्रोत केंद्र : गिद्धीघाट।
तान्या ने सूची में गिद्धीघाट ढूँढा। कोई गिद्धीघाट नहीं था। आकाशवाणी की सूची में उस नाम का कोई केंद्र चालीस साल से मौजूद नहीं था।
उसने कंधे उचकाए और हेडफ़ोन लगा लिया।
पहले चालीस सेकंड तक कुछ नहीं था।
फिर भिनभिनाहट उठी।
और उस भिनभिनाहट के भीतर से दो आवाज़ें निकलीं।
एक पुरानी थी — गीली रेत पर चलती हुई।
दूसरी नई थी, थोड़ी थकी हुई, जैसे कोई बहुत दिनों से चुप रहा हो और अब बोलना सीख रहा हो।
"नमस्कार," पहली आवाज़ ने कहा।
"नमस्कार," दूसरी ने दोहराया।
"आज का छाया गीत आपके नाम।"
तान्या ने कुर्सी पर पीठ टिका ली।
"और आज की पहली फ़रमाइश आई है — झुमरी तिलैया से।"
फिर नाम शुरू हुए।
तीसरे नाम पर तान्या का हाथ माउस पर रुक गया।
वह उसका अपना नाम था।
बाहर, तीसरी मंज़िल की खिड़की के शीशे पर सफ़ेद धूल की एक बारीक परत जम रही थी।
वह धूल दिल्ली की नहीं थी। वह चमक रही थी।
अब आख़िरी बात।
आपके कमरे में भी कोई एक चीज़ है जो बोल सकती है। याद है? कहानी की शुरुआत में आपने उसे देखा था।
वह अभी बंद है। बंद ही रहने दीजिए।
वैसे भी, मनोहर काले को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। और अब जो लड़का उसके साथ बैठा है, उसे तो और भी नहीं।
अगली फ़रमाइश आपके नाम की है।
आपका नाम अभी अधूरा है।
———
तो सुनते रहिए, और सोचकर बताइए — अगर आपको पता चल जाए कि किसी दिन रेडियो पर आपका नाम पढ़ा जाने वाला है, तो आप उस रात रेडियो बंद रखेंगे, या चालू?
कमेंट में ज़रूर लिखिएगा। और यह भी बताइएगा कि अगली कहानी किस विषय पर सुनना चाहेंगे।
मैं हूँ अनुराग, और आपने सुनी — फ़रमाइश।
अपने आसपास की आवाज़ों पर भरोसा मत कीजिए। ख़ास तौर पर उन पर, जो आपका नाम जानती हैं।
- Writer
- Pretika
- Story
- फ़रमाइश
- Chapter
- 7 of 7
- Category
- Ghost Stories
- Reading time
- 3 min
- Words
- 427
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
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