PretikaReal Experiencesआधी रात का आकाशवाणी — 104.8 मेगाहर्ट्ज़

भाग 1 — बंद स्टेशन की खुली फ्रीक्वेंसी

Piyashi Atma · Real Experiences · 2 मिनट

Writer
Piyashi Atma
Story
आधी रात का आकाशवाणी — 104.8 मेगाहर्ट्ज़
Chapter
1 of 5
Category
Real Experiences
Reading time
2 min
Words
366
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

शहर के बिल्कुल आखिरी छोर पर, पुरानी सभागार वाली गली के पीछे, एक दो मंज़िला पीली इमारत खड़ी है जिसके गेट पर जंग लगा बोर्ड आज भी लटका है — "आकाशवाणी केंद्र — शेषनगर, स्थापना १९६४"। यह रेडियो स्टेशन बारह साल पहले बंद हो चुका था, जब सरकार ने छोटे केंद्रों को बड़े शहरों में मर्ज कर दिया, और तब से इमारत में सिर्फ एक चौकीदार रहता था — सत्तार मंजरेकर, उम्र इकसठ, जो अपनी बीमार पत्नी की दवाइयों का खर्च निकालने के लिए इस नौकरी को पकड़े बैठा था। सत्तार को रेडियो से कोई लगाव नहीं था, उसे बस यह पता था कि रात में ऊपर वाले स्टूडियो की खिड़कियों पर पर्दे कभी नहीं खोलने, क्योंकि पिछला चौकीदार नौकरी छोड़ते वक्त उसके हाथ पकड़कर बोला था — "सत्तार भाई, वहाँ ऊपर कोई गाता है, रोज़ रात को, और वह गाना ऐसा है कि सुनने वाला अपना घर भूल जाता है।" सत्तार ने उस दिन हंसकर टाल दिया था, पर आज, इस कहानी की पहली रात, वह हँसी उसकी गर्दन में ही अटक जाने वाली थी।

अक्टूबर की वह रात बेहद ठंडी थी, और सत्तार अपनी चौकी पर रखे पुराने ट्रांजिस्टर पर किस्सा-कहानी सुन रहा था, जब अचानक ट्रांजिस्टर की आवाज़ बीच में ही कट गई, और सुई अपने आप घूमकर थम गई — 104.8 मेगाहर्ट्ज़ पर। एक पल की खामोशी, और फिर स्पीकर से वही आवाज़ आई जिसे किसी बंद स्टेशन पर होना ही नहीं चाहिए था — एक स्त्री की आवाज़, मीठी, पुराने ज़माने वाली, कह रही थी — "श्रोताओं, आप सुन रहे हैं आकाशवाणी शेषनगर, और अब समय है... आपकी फरमाइशों का।" सत्तार की साँस थम गई, क्योंकि ट्रांजिस्टर की बैटरी तीन दिन पहले ही खत्म हो चुकी थी, और वह प्लग भी नहीं लगा था। वह दीवार की ओर मुड़ा — ऊपर स्टूडियो की खिड़की में, बारह साल से पहली बार, "ऑन एयर" की लाल बत्ती की रोशनी दिख रही थी, और साथ ही नीचे दफ्तर का वह काला बैल का फोन बजने लगा जिसकी लाइन बारह साल पहले कट चुकी थी।

⏳ सस्पेंस — जिस इमारत की बिजली बारह साल से कटी है, उसमें ऑन एयर की बत्ती कैसे जली... और अगर सत्तार ने फोन उठाया, तो दूसरी तरफ से किसकी आवाज़ आएगी...?

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