PretikaReal Experiencesआधी रात का आकाशवाणी — 104.8 मेगाहर्ट्ज़

भाग 2 — बिना लाइन वाला फोन

Piyashi Atma · Real Experiences · 2 मिनट

Writer
Piyashi Atma
Story
आधी रात का आकाशवाणी — 104.8 मेगाहर्ट्ज़
Chapter
2 of 5
Category
Real Experiences
Reading time
2 min
Words
371
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

सत्तार की उँगलियाँ काँप रही थीं, पर इन्सान की सबसे बड़ी कमजोरी यही होती है कि डर के बीच भी जिज्ञासा उसे आगे धकेलती है। उसने काँपते हाथ से रिसीवर उठाया, और उससे पहले कि वह कुछ कहता, दूसरी तरफ से एक बूढ़ी आवाज़ आई — "बेटा, मेरी फरमाइश सुना दोगे? मुझे वह गाना सुनना है जो मेरे शहर में शादी के दिन बजता था... मैं बहुत दूर आ गई हूँ, और वापसी का रास्ता भूल गई हूँ।" सत्तार ने काँपती आवाज़ में पूछा — "आप... आप कौन?" और उसी पल उसे पुराने चौकीदार की चेतावनी याद आ गई — फोन पर अपना नाम कभी मत बताना। उसने अपना नाम नहीं बताया, बस इतना कहा — "अम्मा, यह स्टेशन बंद है, यहाँ कोई गाना नहीं बजता।" दूसरी तरफ से कुछ पल की खामोशी आई, और फिर वही आवाज़, अब थोड़ी उदास, बोली — "बंद? अरे बेटा, मैंने तो अभी-अभी घोषणा सुनी... आज तो मेरा प्रोग्राम है, 'यादों की महफ़िल'... मैं कमला नहीं, मैं... मैं..."

आवाज़ बीच में ही बिजली के क्रैकल में बदल गई, और फोन कट गया। सत्तार ने रिसीवर रखा तो उसकी नज़र डेस्क पर रखी एक पुरानी, धूल खाई रजिस्टर पर पड़ी, जो शायद कभी प्रोग्राम रजिस्टर रहा होगा। उसने मोमबत्ती की रोशनी में पन्ने पलटे, और एक पन्ने पर उसका हाथ ठिठक गया — वहाँ साफ लिखा था: "रविवार, १४ अक्टूबर १९८४ — रात्रि १२ बजे — 'यादों की महफ़िल' — प्रस्तुति: सुश्री कमला देशपांडे।" आज भी १४ अक्टूबर ही था, बस साल चालीस साल आगे बढ़ चुका था। सत्तार ने घबराकर रजिस्टर बंद किया, और उसी पल ऊपर स्टूडियो से धीमी-धीमी हारमोनियम की सुर छिड़ी — बिल्कुल वैसी, जैसी किसी लाइव प्रोग्राम की शुरुआत में बजती है, और साथ में एक स्त्री के गाने की आवाज़, जो नीचे सीढ़ियों तक साफ आ रही थी। सत्तार ने कान पकड़ लिए, पर आवाज़ उसके सीने में उतरती जा रही थी, और सबसे डरावनी बात यह थी कि गाने के बोल उसे अपनी मर हुई माँ की याद दिला रहे थे।

⏳ सस्पेंस — चालीस साल पहले रात १२ बजे के प्रोग्राम की घोषणा करने वाली कमला देशपांडे... आज भी ऊपर स्टूडियो में गा रही है, तो क्या उस रात १९८४ में कुछ ऐसा हुआ था जिसे किसी ने नहीं बताया...?

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