PretikaReal Experiencesआधी रात का आकाशवाणी — 104.8 मेगाहर्ट्ज़

भाग 3 — सन् १९८४ की आखिरी रिकॉर्डिंग

Piyashi Atma · Real Experiences · 3 मिनट

Writer
Piyashi Atma
Story
आधी रात का आकाशवाणी — 104.8 मेगाहर्ट्ज़
Chapter
3 of 5
Category
Real Experiences
Reading time
3 min
Words
410
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

सुबह होते ही सत्तार ने शहर के पुराने अखबार के दफ्तर में जाकर अभिलेख खंगाले, क्योंकि अब यह बात उसकी नींद उड़ा चुकी थी। शेषनगर के सर्राफा बाजार में रहने वाले एक बूढ़े पत्रकार, नाना ओझा, ने उसे अपने पुराने कटिंग संग्रह से एक कटिंग निकालकर दी, और उसे पढ़ते ही सत्तार का खून जम गया — "१५ अक्टूबर १९८४: आकाशवाणी शेषनगर की प्रसिद्ध घोषिका सुश्री कमला देशपांडे की रहस्यमय मृत्यु — रात्रि प्रसारण के दौरान स्टूडियो में हृदय गति रुकने से निधन; उनका आखिरी प्रोग्राम 'यादों की महफ़िल' अधूरा रह गया; अंतिम शब्द रिकॉर्डिंग में दर्ज — 'मेरा गाना अभी बाकी है।'" कटिंग के साथ एक धुंधली तस्वीर भी थी, जिसमें साड़ी पहने एक सुंदर स्त्री माइक के सामने बैठी मुस्कुरा रही थी, और तस्वीर के पीछे पेंसिल से लिखा था — "कमला जी ने शादी नहीं की थी; उनकी एक इकलौती बहन शहर छोड़कर चली गई थी; कमला जी का कहना था कि वह उसी बहन के लिए रोज़ एक गाना गाती हैं, ताकि एक दिन रेडियो पर सुनकर बहन लौट आए।"

नाना ओझा ने चश्मा उतारते हुए एक और बात बताई जिसने सत्तार को सोच में डाल दिया — "बेटा, बात सिर्फ मृत्यु की नहीं है। कमला जी के जाने के बाद उस स्टेशन पर जो-जो रात के प्रसारण में बैठा, एक-एक करके सब पागल होते गए या भाग गए। कहते हैं रात के बारह बजे के बाद माइक अपने आप खुल जाता था, और रिकॉर्डिंग रूम में एक टेप रोज़ सुबह मिलती थी, जिस पर रात भर की खामोशी के बीच कमला जी की आवाज़ दर्ज होती थी — 'मेरा गाना अभी बाकी है।' स्टेशन के लोगों ने वह टेप कई बार मिटाई, पर वह अगली सुबह फिर भरी हुई मिलती। आखिर में इंजीनियरों ने टेप लाइब्रेरी को ताला लगा दिया, और कहते हैं वह टेप आज भी वहीं है — कोट्ठी नंबर सात में, जिसका दरवाज़ा बारह साल से नहीं खुला।" सत्तार ने नाना से पूछा — "और उनकी बहन?" नाना ने लंबी साँस ली — "वही सबसे दुखद बात है। कमला जी के निधन की खबर अखबारों में छपी, पर उनकी बहन कभी नहीं आई। लोग कहते हैं वह किसी दूर के शहर में थी और उसे पता ही नहीं चला... या शायद उसने सुना भी, तो आना नहीं चाहा।"

⏳ सस्पेंस — कोट्ठी नंबर सात में चालीस साल से बंद वह टेप... अगर उसे आज चलाया जाए, तो कमला देशपांडे की आवाज़ में अब क्या दर्ज होगा... और क्या सत्तार को वह कोट्ठी खोलनी चाहिए...?

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