PretikaHaunted PlacesRaat ki khamoshi

PART 1 — आखिरी बस

firoj saifi · Haunted Places · 2 मिनट

Writer
firoj saifi
Story
Raat ki khamoshi
Chapter
1 of 10
Category
Haunted Places
Reading time
2 min
Words
306
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

रात के 11 बजकर 47 मिनट हुए थे।

बस की आखिरी सीट पर बैठा आरव खिड़की से बाहर देख रहा था।

बाहर सिर्फ अंधेरा था।

न कोई घर।

न कोई दुकान।

न सड़क के किनारे कोई इंसान।

बस में आरव के अलावा सिर्फ तीन लोग थे।

एक बूढ़ा आदमी…

एक औरत…

और ड्राइवर।

अचानक बस रुक गई।

ड्राइवर ने बिना पीछे देखे कहा—

“कालीपुर आ गया।”

आरव ने खिड़की से बाहर देखा।

सड़क के किनारे एक जंग लगा बोर्ड लगा था।

“कालीपुर — 2 KM”

आरव चौंक गया।

“लेकिन कालीपुर तो अभी दो किलोमीटर दूर है।”

ड्राइवर ने इंजन बंद कर दिया।

फिर बहुत धीमी आवाज़ में बोला—

“दिन में।”

आरव कुछ समझा नहीं।

वह बस से नीचे उतरा।

पीछे मुड़कर देखा।

बस में बैठे बूढ़े आदमी और औरत दोनों उसे घूर रहे थे।

आरव ने हाथ हिलाया।

किसी ने जवाब नहीं दिया।

बस तुरंत वापस मुड़ गई।

कुछ ही सेकंड में वह अंधेरे में गायब हो गई।

आरव अकेला रह गया।

उसने फोन निकाला।

कोई नेटवर्क नहीं।

तभी पीछे से किसी लड़की की आवाज़ आई—

“आरव…”

वह जम गया।

आवाज़ बिल्कुल उसकी छोटी बहन रिया जैसी थी।

रिया…

जो आठ साल पहले मर चुकी थी।

आरव ने धीरे से पीछे देखा।

सड़क खाली थी।

फिर आवाज़ आई—

“भैया…”

इस बार आवाज़ बिल्कुल कान के पास थी।

आरव ने आँखें बंद कर लीं।

और तभी उसे अपने पिता की कही एक बात याद आई—

“अगर कभी कालीपुर में रात के वक्त कोई तुम्हारा नाम लेकर बुलाए… तो पीछे मत देखना।”

आरव ने दौड़ना शुरू कर दिया।

कुछ दूर जाने के बाद उसे एक पुराना घर दिखाई दिया।

दरवाज़े पर वही नाम लिखा था—

“देवेंद्र शर्मा”

उसके पिता का नाम।

आरव धीरे से दरवाज़ा खोलता है।

घर में धूल की मोटी परत थी।

लेकिन बीच वाले कमरे में…

एक लालटेन जल रही थी।

और उसके नीचे एक टेबल पर एक कागज़ रखा था।

आरव ने कागज़ उठाया।

उस पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी—

“तू देर से आया, आरव।”

अचानक घर की सारी खिड़कियाँ एक साथ बंद हो गईं।

धड़ाम!

आरव पलटा।

कमरे के कोने में कोई खड़ा था।

लंबे बाल…

सफेद कपड़े…

झुका हुआ सिर।

आरव पीछे हटने लगा।

वह आकृति धीरे-धीरे सिर उठाती है।

और फुसफुसाती है—

“तुझे मैंने बुलाया था।”

""""""पार्ट 2""""""""

अगला भाग →

Raat ki khamoshi · सभी भाग →