PretikaHaunted Placesदरवाज़े के उस पार , Season 1

एपिसोड 2 — पहली रात

firoj saifi · Haunted Places · 2 मिनट

Writer
firoj saifi
Story
दरवाज़े के उस पार , Season 1
Chapter
2 of 8
Category
Haunted Places
Reading time
2 min
Words
307
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

सामान अंदर रखते-रखते रात के ग्यारह बज गए।

हवेली बाहर से जितनी पुरानी थी, अंदर से उससे भी ज्यादा रहस्यमय थी।

ऊँची छतें।

धूल से ढके झूमर।

लकड़ी की पुरानी सीढ़ियाँ।

दीवारों पर लटकी दर्जनों पारिवारिक तस्वीरें।

कुछ तस्वीरों में चेहरे इतने पुराने थे कि उनकी आँखें भी धुंधली पड़ चुकी थीं।

लेकिन माही को सबसे ज्यादा अजीब उसका कमरा लगा।

पूरब की तरफ बना वह कमरा हवेली के बाकी हिस्सों से ज्यादा ठंडा था।

माही अंदर जाते ही रुक गई।

"पापा... यहाँ इतनी ठंड क्यों है?"

अरमान ने हँसते हुए कहा,

"AC चल जाएगा तो ठीक हो जाएगा।"

माही ने कमरे के कोने में देखा।

वहाँ एक पुरानी लकड़ी की अलमारी थी।

उसकी एक दराज आधी खुली थी।

माही ने उसे छूने के लिए हाथ बढ़ाया।

"उसे मत छूना।"

रीवा की आवाज़ सुनकर माही पीछे हट गई।

"क्यों?"

"पुराना सामान है। कल साफ करवा देंगे।"

रात करीब दो बजे रीवा की नींद अचानक खुल गई।

कमरे में अंधेरा था।

अरमान उसके बगल में सो रहा था।

लेकिन रीवा को कुछ सुनाई दिया।

साँस लेने की आवाज़।

भारी।

धीमी।

और बहुत करीब।

रीवा ने आँखें बंद कर लीं।

कुछ सेकंड बाद उसने महसूस किया कि वह साँस उसके ठीक पीछे से आ रही थी।

उसने अरमान को जगाने की कोशिश की।

लेकिन आवाज़ गले में अटक गई।

फिर उसने धीरे-धीरे पीछे मुड़कर देखा।

कमरे का दरवाज़ा आधा खुला था।

उसे याद था—

उसने सोने से पहले दरवाज़ा बंद किया था।

दरवाज़े के बाहर गलियारे में एक परछाई खड़ी थी।

वही बूढ़ी औरत।

रीवा ने पलक झपकाई।

परछाई गायब थी।

वह काँपते हुए दरवाज़े तक पहुँची।

गलियारा खाली था।

लेकिन फर्श पर...

गीले पैरों के निशान थे।

छोटे-छोटे निशान।

जो बाहर से अंदर की ओर जा रहे थे।

और वे सीधे उस काले दरवाज़े की तरफ बढ़ रहे थे।

सुबह रीवा ने अरमान को सब बताया।

अरमान ने इसे बारिश और नमी का असर कहकर टाल दिया।

लेकिन रामदीन ने जब पैरों के निशान देखे तो उसका चेहरा पीला पड़ गया।

"मालिक..."

"क्या हुआ?"

रामदीन ने धीमी आवाज़ में कहा,

"ये निशान हर नई फैमिली की पहली रात दिखाई देते हैं।"

अरमान चुप हो गया।

रामदीन ने काले दरवाज़े की तरफ देखा।

"हर बार।"

"""एपिसोड 3"""

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