PretikaHaunted Places“आखिरी दरवाज़ा” — Season 3

Episode 4 — तहखाने की आवाज़

firoj saifi · Haunted Places · 2 मिनट

Writer
firoj saifi
Story
“आखिरी दरवाज़ा” — Season 3
Chapter
4 of 8
Category
Haunted Places
Reading time
2 min
Words
281
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

माही अब जानना चाहती है कि दूसरी माही आखिर है क्या।
वह पुराने रिकॉर्ड खंगालती है।
उसे पता चलता है कि शर्मा परिवार में कई पीढ़ियों से बच्चों के गायब होने की घटनाएँ हुई थीं।
हर घटना के साथ एक ही बात लिखी थी—
“बच्चा अपनी परछाईं के साथ गायब हुआ।”
माही को एक पुराने कमरे में एक रिकॉर्डिंग मिलती है।
उसमें उसकी माँ की आवाज है।
“अगर माही कभी सच जानने की कोशिश करे, तो उसे तहखाने से दूर रखना।”
फिर रिकॉर्डिंग में रोने की आवाज आती है।
एक बच्ची कहती है—
“माँ...”
माही रिकॉर्डिंग रोक देती है।
वह समझ जाती है कि आवाज उसी बच्ची की है।
वह तहखाने में जाती है।
इस बार काला दरवाज़ा बंद है।
माही उसके सामने खड़ी होकर कहती है—
“तुम मुझसे क्या चाहती हो?”
अंदर से जवाब आता है—
“तुम्हें तुम्हारा सच।”
दरवाज़ा खुलता है।
अंदर वही छुपा हुआ कमरा है।
दीवारों पर माही के बचपन की सैकड़ों तस्वीरें लगी हैं।
एक तस्वीर में माही और उसकी माँ हैं।
दूसरी में माही अकेली है।
तीसरी तस्वीर में दूसरी माही दिखाई देती है।
फिर एक तस्वीर में दोनों एक-दूसरे के सामने खड़ी हैं।
पीछे लिखा है—
“एक शरीर। दो परछाइयाँ।”
माही को अचानक याद आता है कि बचपन में वह अकेली नहीं थी।
वह हमेशा किसी के साथ खेलती थी।
उसकी माँ उसे उस बच्ची से दूर करती थी।
एक दिन माही ने पूछा था—
“मैं उसके साथ क्यों नहीं खेल सकती?”
उसकी माँ ने जवाब दिया था—
“क्योंकि वो तुम्हारी दोस्त नहीं है।”
माही की याद अचानक टूट जाती है।
तभी पीछे से दूसरी माही आती है।
“उन्होंने तुम्हें मुझसे दूर कर दिया।”
माही पूछती है—
“क्यों?”
दूसरी माही कहती है—
“क्योंकि अगर हम दोनों एक हो जाते... तो वो हमें रोक नहीं पाते।”
अचानक पूरा तहखाना हिलने लगता है।
काले दरवाज़े के पीछे से एक भारी आवाज आती है—
“अब समय आ गया है।”
दूसरी माही डर जाती है।
पहली बार उसके चेहरे पर डर दिखाई देता है।

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