Pretika › Haunted Places › “आखिरी दरवाज़ा” — Season 3
Episode 5 — माही का रहस्य
firoj saifi · Haunted Places · 2 मिनट
- Writer
- firoj saifi
- Story
- “आखिरी दरवाज़ा” — Season 3
- Chapter
- 5 of 8
- Category
- Haunted Places
- Reading time
- 2 min
- Words
- 249
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
माही और दूसरी माही अब एक-दूसरे को समझने लगती हैं।
दूसरी माही बताती है कि जब माही पैदा हुई थी, उस शक्ति ने उसकी आत्मा को दो हिस्सों में बांट दिया था।
एक हिस्सा माही के शरीर के साथ बाहर चला गया।
दूसरा हिस्सा तहखाने में रह गया।
वही दूसरी माही बन गया।
लेकिन दोनों के बीच एक संबंध हमेशा बना रहा।
माही की हर भावना दूसरी माही महसूस कर सकती थी।
माही का हर डर उसे मजबूत करता था।
और दूसरी माही का दर्द माही के सपनों में दिखाई देता था।
माही समझती है कि बचपन में उसे जो डरावने सपने आते थे, वे असल में दूसरी माही की यादें थीं।
तभी अरमान तहखाने में आता है।
वह दूसरी माही को देखकर डर जाता है।
अरमान: “तुम वापस नहीं आ सकती।”
दूसरी माही कहती है—
“मैं कभी गई ही नहीं थी।”
अरमान माही से कहता है—
“इससे दूर रहो।”
माही गुस्से में कहती है—
“आपने पूरी जिंदगी मुझसे झूठ बोला!”
अरमान रोते हुए कहता है—
“मैं तुम्हें बचाना चाहता था।”
माही पूछती है—
“किससे?”
अरमान कहता है—
“तुम्हारी माँ से।”
माही स्तब्ध हो जाती है।
अरमान बताता है कि उसकी माँ ने अपनी बेटी को बचाने के लिए वह सौदा किया था।
लेकिन सौदे की कीमत दूसरी परछाईं बनी।
अरमान ने माही की यादें मिटाईं ताकि उसे सच पता न चले।
लेकिन अब सौदा टूट चुका है।
शक्ति माही को पूरी तरह अपने कब्जे में लेना चाहती है।
और इसके लिए उसे दूसरी माही को खत्म करना होगा।
दूसरी माही कहती है—
“अगर मैं मर गई... तो तुम्हारी आत्मा अधूरी हो जाएगी।”
माही पहली बार समझती है कि असली लड़ाई किसी भूत से नहीं...
उसके अपने अस्तित्व के दो हिस्सों के बीच है।