PretikaParanormalरात 2 बजे का मैसेज — पेंटिंग में क़ैद

भाग दूसरा — रोहन गायब

Piyashi Atma · Paranormal · 3 मिनट

Writer
Piyashi Atma
Story
रात 2 बजे का मैसेज — पेंटिंग में क़ैद
Chapter
2 of 6
Category
Paranormal
Reading time
3 min
Words
505
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

सुबह जब रोहन की बहन, मानवी मल्होत्रा, ने उसे फोन किया — क्योंकि रोहन ने उसे रात में एक अजीब-सा मैसेज भेजा था, "बहन, अगर मुझे कुछ हो जाए तो मेरी अलमारी का ऊपर वाला ड्रॉ खोलना" — तो फोन बजता रहा, पर कोई जवाब नहीं आया। मानवी ने ऑफिस में फोन किया — रोहन ऑफिस नहीं पहुँचा था। मानवी ने उसके फ्लैट के मालिक को फोन किया, और दोपहर तक जब दरवाज़ा खोला गया, तो अंदर का नज़ारा देखकर मानवी की टाँगें काँप उठीं — रोहन का फ्लैट बिल्कुल साफ़ था, बिस्तर बना हुआ था, चाय का कप अधूरा रखा था, और उसका फोन बिस्तर पर चार्जिंग में लगा था — पर रोहन कहीं नहीं था, न उसके जूते गायब थे, न उसका बटुआ, न उसकी चाबियाँ — जैसे कोई उठकर ऐसे चला गया हो जैसे सोता हुआ था, बिना कुछ पहने, बिना कुछ लिए।

पुलिस आई, रिपोर्ट लिखी गई, और मानवी ने रोहन का फोन खोला — पासवर्ड उसे पता था — और उसने वह मैसेज देखा, रात दो बजे वाला। पर मैसेज अब बदल चुका था — जो तस्वीर रात में आई थी, उसमें अब लड़की खिड़की के पास नहीं खड़ी थी — अब लड़की कैनवास के सामने खड़ी थी, और कैनवास पर जो तस्वीर बनी थी, उसमें रोहन था — पर अब रोहन बिस्तर पर नहीं था, अब रोहन किसी कमरे में खड़ा था, एक ऐसे कमरे में जो मानवी ने कभी नहीं देखा था, और उसके चेहरे पर वो हालत थी जो किसी के चिल्लाने से पहले की होती है — और तस्वीर के नीचे अब लिखा था — "धन्यवाद मानवी — तुमने मेरा मैसेज पढ़ लिया — अब तुम भी देखो, तुम्हारे भाई को कहाँ रखा है मैंने।"

मानवी ने फोन नीचे रख दिया — और उसी पल फोन फिर से चमका, एक और मैसेज, उसी बिना-नंबर वाले चित्र से — और इस बार मैसेज में एक नक्शा था, पुणे के पुराने शहर का, जिस पर एक जगह को घेरा गया था — एक पुरानी इमारत, जिसके नीचे लिखा था — "कस्तूरी आर्ट गैलरी — 1962 से बंद — यहाँ आओ, और अपने भाई को ले जाओ — पर सुन लो, गैलरी में जितनी पेंटिंगें हैं, उतने ही लोग वापस आएँगे — एक पेंटिंग, एक इंसान — अगर तुमने रोहन को लिया, तो तुम्हें किसी और को वहाँ छोड़ना होगा — क्योंकि यह गैलरी कभी खाली नहीं रहती, यह गैलरी बस अपने मेहमान बदलती है।" मानवी ने मैसेज को पढ़ा, और उसने तुरंत अपने सबसे पुराने दोस्त को फोन किया — पर जैसे ही उसने फोन उठाया, उसके फोन की स्क्रीन पर, उसी गैलरी की तस्वीर आ गई — और तस्वीर में, गैलरी की खिड़की में, रोहन खड़ा था, हाथ हिलाता हुआ — और उसके पीछे, वो लड़की, जिसके हाथ में अब एक नया कैनवास था — खाली कैनवास, जिस पर अभी कुछ नहीं बना था, पर जिसके नीचे लिखा था — "मानवी — अगली तस्वीर तुम्हारी।"

सस्पेंस — क्या मानवी गैलरी जाएगी...? और "एक पेंटिंग, एक इंसान" का मतलब क्या है — क्या उसे किसी और को वहाँ छोड़ना होगा...

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