Pretika › Haunted Places › दरवाज़े के उस पार — Season 2
एपिसोड 5 — बंद कमरा
firoj saifi · Haunted Places · 1 मिनट
- Writer
- firoj saifi
- Story
- दरवाज़े के उस पार — Season 2
- Chapter
- 5 of 8
- Category
- Haunted Places
- Reading time
- 1 min
- Words
- 168
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
माही अकेली तहखाने में गई।
उसके पीछे दरवाज़ा बंद हो गया।
कमरे में कोई नहीं था।
लेकिन दीवारों पर दर्जनों तस्वीरें लगी थीं।
पुराने परिवार की।
हर तस्वीर में एक ही व्यक्ति दिखाई दे रहा था।
देवेंद्र।
माही पीछे हटने लगी।
तभी एक तस्वीर फर्श पर गिर गई।
उसके पीछे एक पुराना दस्तावेज़ था।
उसमें लिखा था—
देवेंद्र ने परिवार के सदस्यों पर प्रयोग किए थे।
लेकिन अंतिम प्रयोग में उसे एक ऐसी शक्ति प्राप्त हुई जिसे वह नियंत्रित नहीं कर सका।
उसने उस शक्ति को काले दरवाज़े के पीछे बंद कर दिया।
कनक की आत्मा भी उसी शक्ति से जुड़ी थी।
लेकिन कनक की मुक्ति के बाद...
वह शक्ति पुनः जागृत हो गई।
अचानक कमरे की सभी तस्वीरें दीवारों से गिरने लगीं।
एक आवाज़ आई—
"तुम्हारे रक्त में वही दरवाज़ा है।"
माही ने घबराकर पूछा,
"मेरे रक्त में?"
अंधेरे से देवेंद्र की आकृति सामने आई।
"कनक ने तुम्हें नहीं चुना था, माही।"
वह धीरे-धीरे उसके करीब आया।
"तुम्हें पहले से चुना गया था।"
माही चीख पड़ी।
उसी समय अरमान और रामदीन कमरे में पहुँच गए।
लेकिन देवेंद्र गायब था।
सिर्फ दीवार पर रक्त से लिखा एक वाक्य था—
"अगली अमावस्या को दरवाज़ा पूर्ण रूप से खुलेगा।"
"""""एपिसोड 6""""