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एपिसोड 4 — वह व्यक्ति
firoj saifi · Haunted Places · 1 मिनट
माही ने सपना देखा।
वह एक पुराने कमरे में खड़ी थी।
कमरे में एक बच्चा रो रहा था।
उसके सामने वही व्यक्ति खड़ा था जो तस्वीर में था।
उसने माही की ओर देखा।
"तुम आखिर लौट ही आईं।"
माही ने पूछा,
"तुम कौन हो?"
वह मुस्कुराया।
"जिसे तुम्हारे परिवार ने मिटा दिया था।"
सुबह माही ने सपना अरमान को बताया।
अरमान ने डायरी फिर खोली।
इस बार उसे एक नाम मिला—
देवेंद्र।
देवेंद्र परिवार का पुराना रिश्तेदार था।
कहा जाता था कि वह तंत्र-मंत्र और रहस्यमय अनुष्ठानों में विश्वास करता था।
लेकिन वास्तविकता इससे भी अधिक भयावह थी।
देवेंद्र ने हवेली के नीचे एक ऐसा कक्ष बनवाया था जहाँ वह मृत आत्माओं से संपर्क करने का प्रयास करता था।
और उसी प्रयोग के दौरान कुछ ऐसा हुआ...
जिसके बाद वह स्वयं लापता हो गया।
उसका शव कभी नहीं मिला।
रामदीन ने कहा,
"लोग कहते थे वह मर गया।"
माही ने पूछा,
"और आपको क्या लगता है?"
रामदीन ने काले दरवाज़े की ओर देखा।
"वह मरा नहीं था।"
उसी रात माही के फोन पर एक अनजान नंबर से संदेश आया।
सिर्फ तीन शब्द थे—
"मुझे याद करो।"
फिर दूसरा संदेश आया—
"तहखाने में आओ।"
""""एपिसोड 5"""""
- Writer
- firoj saifi
- Story
- दरवाज़े के उस पार — Season 2
- Chapter
- 4 of 8
- Category
- Haunted Places
- Reading time
- 1 min
- Words
- 195
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
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