Village Horror · गाँव का ख़ौफ़
गाँव का ख़ौफ़ — Pretika पर पढ़ें। Read Village horror stories in Hindi (Gaon ki Darawni Kahani) by independent Indian writers.
9 stories in Village Horror on Pretika, written by Pretika, Piyashi Atma.
- Category
- Village Horror · गाँव का ख़ौफ़
- Stories
- 9
- Writers
- 2
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read — some series lock later parts
- डूबे गाँव की जनगणनाPretika — सरकारी रिकॉर्ड में ये गाँव उनतीस साल से ख़ाली है... फिर वहाँ इकतीस लोग अपना नाम लिखवाने के लिए लाइन में क्यों खड़े थे? जनगणना की ड्यूटी पर
- छलावा — मेरी परछाईं ने मेरी बीवी को चुनाPretika — रात दो बजकर सत्रह मिनट... दरवाज़े पर तीन धीमी और एक ज़ोर की दस्तक... और बाहर खड़ा आदमी हूबहू मैं था। राजस्थान के एक सोलर प्लांट में नाइट शिफ
- एक ट्रक ड्राइवर की आपबीतीPretika — लखनादौन के एक बूढ़े मिस्त्री ने तीन सौ रुपये में ट्रक का बायाँ शीशा बदला… और उसी रात उस शीशे में बगल वाली सीट पर एक औरत बैठी दिखी, जो असल मे
- चौरासी खंडहर — उस गाँव की आखिरी रातPiyashi Atma — राजस्थान के रेगिस्तान में मौजूद एक वीरान गाँव, जिसे लगभग दो सौ साल पहले पालीवालों ने एक ही रात में छोड़ दिया था। कहा जाता है कि सूरज ढलने के
- बीराण हाल्ट — सुनसान रूट की आखिरी गाड़ीPiyashi Atma — नियम तीन हैं — एक: बीराण हाल्ट पर — खिड़की से — कभी हाथ मत हिलाना। जो — हाथ हिलाता है — उसे — बुलावा समझा जाता है। और — जिसे — बुलावा मिलता
- रजिस्टरPretika — झारखंड का एक टोला, जहाँ बरसों से कोई बेवक़्त नहीं मरता। एक पुराना, कपड़े की जिल्द वाला रजिस्टर, जो नीचे से ऊपर चलता है — जो नाम सबसे बाद में
- रक्तवनPretika — वनरक्षक देव रावत मड़ई रेंज की उस चौकी पर लौटता है, जहाँ चौबीस साल पहले उसका पिता ग़ायब हुआ था। जंगल आवाज़ें चुराता है, पेड़ों की छाल में इंस
- कालकूट — वो गाँव जो नक्शे पर नहीं हैPretika — दिल्ली से मसूरी जाते आर्यन और मीरा की गाड़ी रात के अँधेरे में एक ऐसे गाँव पहुँच जाती है जो किसी नक्शे पर नहीं — कालकूट, जहाँ नब्बे साल पहले
- रामपुरीPretika — दो साल की online बातचीत के बाद Eliot सबकुछ छोड़कर मनोज से मिलने Himachal के एक गाँव — रामपुरी — पहुँचता है। गाँव बेहद ख़ूबसूरत है… और बिल्कु