PretikaHaunted Placesदरवाज़े के उस पार — Season 2

एपिसोड 6 — अमावस्या

firoj saifi · Haunted Places · 1 मिनट

Writer
firoj saifi
Story
दरवाज़े के उस पार — Season 2
Chapter
6 of 8
Category
Haunted Places
Reading time
1 min
Words
171
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

अमावस्या की रात हवेली में अजीब घटनाएँ शुरू हो गईं।

घड़ियाँ एक ही समय पर रुक गईं।

खिड़कियाँ स्वतः खुल गईं।

घर की सभी तस्वीरों में चेहरों की जगह काले धब्बे दिखाई देने लगे।

और काले दरवाज़े के पीछे से बच्चों के रोने की आवाज़ आने लगी।

रामदीन ने कहा,

"हमें इसे रोकना होगा।"

लेकिन अरमान ने पूछा,

"कैसे?"

रामदीन ने दादा की डायरी का अंतिम पृष्ठ खोला।

उसमें लिखा था—

"दरवाज़ा शक्ति से नहीं, सत्य से बंद होगा।"

माही ने पूछा,

"कौन-सा सत्य?"

तभी हवेली की सभी बत्तियाँ बंद हो गईं।

और देवेंद्र की आवाज़ आई—

"वह सत्य जो तुम्हारे पिता ने तुमसे छुपाया।"

माही ने अरमान की ओर देखा।

"पापा?"

अरमान की आँखों में आँसू आ गए।

उसने अंततः सच बताया।

माही के जन्म से पहले अरमान ने हवेली में एक पुराना अनुष्ठान देखा था।

उसी रात उसने अनजाने में उस काले दरवाज़े को स्पर्श कर लिया था।

और तब से...

उसका परिवार उस शक्ति से जुड़ गया था।

"तो यह सब मेरी वजह से हुआ?"

अरमान ने सिर झुका लिया।

"नहीं बेटा। तुम्हारी वजह से नहीं। यह मेरी गलती थी।"

तभी काला दरवाज़ा पूरी तरह खुल गया।

अंदर कोई तहखाना नहीं था।

अंदर...

एक बिल्कुल भिन्न दुनिया थी।

""""एपिसोड 7""""

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