PretikaHaunted PlacesRaat ki khamoshi

PART 3 — वो रात

firoj saifi · Haunted Places · 1 मिनट

Writer
firoj saifi
Story
Raat ki khamoshi
Chapter
3 of 10
Category
Haunted Places
Reading time
1 min
Words
173
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

आरव को अचानक बचपन की एक धुंधली याद आने लगती है।

बारिश…

बावड़ी…

उसका पिता…

और एक लड़की।

वह लड़की आरव से कह रही थी—

“डरना मत। मैं तुम्हें कुछ नहीं करूँगी।”

फिर उसके पिता उसे खींचकर दूर ले जा रहे थे।

आरव चिल्ला रहा था—

“उसे छोड़ दो!”

अचानक याद टूट जाती है।

आरव जमीन पर गिर पड़ता है।

मीरा उसे ढूँढते हुए घर पहुँचती है।

मीरा उसकी बचपन की दोस्त थी।

आरव उससे पूछता है—

“तुम्हें उस रात के बारे में क्या पता है?”

मीरा चुप हो जाती है।

आरव उसका हाथ पकड़कर कहता है—

“सच बताओ।”

मीरा की आँखों में आँसू आ जाते हैं।

“तुम्हारी बहन रिया उस रात मरी नहीं थी।”

आरव का चेहरा बदल जाता है।

“क्या?”

“रिया को… बावड़ी में ले जाया गया था।”

“किसने?”

मीरा जवाब देती है—

“तुम्हारे पिता ने।”

आरव पीछे हटता है।

उसी समय बाहर से किसी बच्चे के हँसने की आवाज़ आती है।

दोनों बाहर देखते हैं।

गली खाली थी।

फिर वही हँसी।

इस बार घर के अंदर से।

आरव ऊपर जाता है।

एक कमरे में उसकी बहन रिया की पुरानी गुड़िया रखी थी।

उसने गुड़िया उठाई।

गुड़िया के पेट में से आवाज़ आई—

“भैया…”

आरव के हाथ से गुड़िया गिर गई।

फर्श पर खून से एक शब्द लिखा था—

“बावड़ी।”
""""पार्ट 4""""

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