PretikaHaunted PlacesRaat ki khamoshi

PART 7 — कोई जिंदा नहीं था

firoj saifi · Haunted Places · 1 मिनट

Writer
firoj saifi
Story
Raat ki khamoshi
Chapter
7 of 10
Category
Haunted Places
Reading time
1 min
Words
134
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

आरव और मीरा गाँव में भागते हैं।

उन्हें हर घर में लोग दिखाई देते हैं।

लेकिन कोई बोलता नहीं।

कोई हिलता नहीं।

आरव एक आदमी के पास जाता है।

उसके कंधे को छूता है।

आदमी अचानक अपना सिर घुमाता है।

उसकी आँखें खाली थीं।

और वह कहता है—

“तुम भी वापस आ गए।”

आरव पीछे हट जाता है।

मीरा कहती है—

“ये लोग जिंदा नहीं हैं।”

आरव पूछता है—

“तो फिर ये कौन हैं?”

मीरा कहती है—

“गाँव की यादें।”

तभी मंदिर की घंटी बजती है।

एक बार।

दो बार।

तीन बार।

और फिर…

तेरहवीं बार।

मीरा का चेहरा डर से बदल जाता है।

“ये नहीं हो सकता…”

“क्या?”

“मंदिर की घंटी कभी तेरह बार नहीं बजती।”

आरव मंदिर की तरफ देखता है।

मंदिर के अंदर उसकी बहन रिया खड़ी थी।

वह हाथ हिलाती है।

“भैया…”

आरव उसकी तरफ बढ़ता है।

मीरा उसे रोकती है।

“मत जाओ!”

रिया मुस्कुराती है।

फिर उसके पीछे से वही लड़की निकलती है।

और कहती है—

“अगर सच देखना है… तो मंदिर के नीचे आओ।”

""""पार्ट 8"""""

← पिछला भाग  ·  अगला भाग →

Raat ki khamoshi · सभी भाग →