Pretika › Haunted Places › Raat ki khamoshi

PART 6 — खामोशी

firoj saifi · Haunted Places · 1 मिनट

अचानक पूरी बावड़ी में सन्नाटा छा जाता है।

कोई हवा नहीं।

कोई पानी की आवाज़ नहीं।

कोई आवाज़ नहीं।

मीरा फुसफुसाती है—

“ये वही है…”

लड़की धीरे-धीरे आगे आती है।

उसके कदम जमीन को छू नहीं रहे थे।

वह आरव के सामने रुकती है।

फिर अपना हाथ उसके चेहरे पर रखती है।

और कहती है—

“मैंने तुम्हें बचाया था।”

आरव को फिर एक पुरानी याद आती है।

उस रात बावड़ी में रिया नहीं थी।

आरव था।

उसके पिता उसे बलि देने वाले थे।

लेकिन लड़की ने उसे बचा लिया था।

रिया ने खुद उसकी जगह ले ली थी।

आरव चीख उठता है—

“नहीं!”

लड़की मुस्कुराती है।

“तुम्हारी बहन ने मुझे बदला नहीं… तुम्हें बचाया था।”

तभी बावड़ी की दीवारों पर हजारों हाथों के निशान उभर आते हैं।

और एक साथ आवाज़ आती है—

“अब उसकी बारी है।”

सारे हाथ आरव की तरफ बढ़ते हैं।

देवेंद्र चिल्लाता है—

“भागो!”

आरव और मीरा बावड़ी से बाहर भागते हैं।

लेकिन बाहर निकलते ही देखते हैं—

पूरा गाँव गायब हो चुका है।

सिर्फ घर हैं।

और हर घर की खिड़की में…

एक-एक इंसान खड़ा है।

सब आरव को देख रहे हैं।

""""पार्ट 7"""

Writer
firoj saifi
Story
Raat ki khamoshi
Chapter
6 of 10
Category
Haunted Places
Reading time
1 min
Words
189
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

← पिछला भाग  ·  अगला भाग →

Raat ki khamoshi · सभी भाग →

और कहानियाँ · More stories