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भाग दूसरा — जेठा भील की चेतावनी

Piyashi Atma · Village Horror · 3 मिनट

गाँव से थोड़ी दूर, रेत के एक टीले के पीछे, एक झोंपड़ी थी — और उस झोंपड़ी में रहता था जेठा भील, उम्र करीब पचहत्तर साल, वो आदमी जिसे सरकार ने इस खंडहर का "देखरेख करने वाला" कागज़ों में लिखा हुआ था, पर असल में वो खुद को इस गाँव का "सलाम करने वाला" मानता था, क्योंकि उसका कहना था कि जो गाँव इतने सालों से बैठा हुआ है, उसे किसी देखरेख की ज़रूरत नहीं, उसे तो बस सम्मान की ज़रूरत है। जेठा भील का खानदान भी पालीवालों के साथ जुड़ा हुआ था — उसके पुरखे गाँव के रखवाले हुआ करते थे, और जब गाँव उठा था, तो कहा जाता है कि पटेल जुझार सिंह ने उसके परदादा को एक चाबी दी थी और कहा था — "जेठा के बाप, जब तक हम लौट न आएँ, यह गाँव सलामत रखना — और अगर हम न लौटे, तो हमारे घरों को सलाम करते रहना, क्योंकि सलाम किया हुआ खंडहर कभी मरता नहीं।"

जेठा भील ने जब विहान को दोपहर की धूप में नक्शे फैलाए खड़े देखा, तो वो धीरे-धीरे चलकर उसके पास आया, उसके कैमरे को देखा, उसकी सरकारी पहचान देखी, और फिर बोला — "सरकारी बाबू, तुम कागज़ों के लिए आए हो, पर यह गाँव कागज़ों से नहीं मानता — यहाँ आने वालों को तीन बातें बतानी पड़ती हैं, और तीनों बातें मेरी ज़ुबान पर दो सौ साल पुरानी हैं, इसलिए ध्यान से सुनो।" और उसने विहान को तीनों नियम सुनाए — सूरज ढलने से पहले निकल जाना, तोरणों को हाथ न लगाना, और मंदिर की घंटी पर कभी न चलना।

विहान ने अपनी आदत के मुताबिक़ मुस्कुराकर कहा — "बाबूजी, मैं इतिहासकार हूँ, और इतिहास में नियम नहीं, कारण होते हैं — आप मुझे बताइए कि आखिर हुआ क्या था उस रात, क्यों उठे ये लोग, कहाँ गए ये लोग, और क्यों लौटकर नहीं आए ये लोग — यही तो मेरी रिपोर्ट है।" जेठा भील ने बहुत देर तक उसका मुँह देखा, फिर अपनी झोंपड़ी की तरफ़ चलते हुए बोला — "कारण तुम्हें मिल जाएगा बाबू, इस गाँव की मिट्टी में दफ़न है — पर एक बात याद रखना, जिस दिन तुम्हें कारण मिलेगा, उस दिन यह गाँव तुम्हें जाने देगा या नहीं, यह गाँव तय करेगा, तुम्हारी सरकार नहीं। और हाँ — तुम्हारी जेब में जो लोकेट है, उसे मंदिर के सामने मत खोलना — क्योंकि जुझार सिंह की तस्वीर को दो सौ साल हो गए, पर पद्मा बाई को अब भी अपनी तस्वीर की तलाश है।" यह कहकर बूढ़ा अपनी झोंपड़ी में घुस गया, और विहान की मुस्कुराहट उसके होंठों पर ऐसे जम गई जैसे रेत में गिरा पानी — उसने तो अभी किसी को लोकेट के बारे में बताया ही नहीं था।

Writer
Piyashi Atma
Story
चौरासी खंडहर — उस गाँव की आखिरी रात
Chapter
2 of 5
Category
Village Horror
Reading time
3 min
Words
446
Language
Hindi (हिंदी)
Price
Free to read

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