Pretika › Sci-Fi Horror › THE HAUNTING OF BLACKWELL MANOR
एपिसोड 6 — “वह आदमी जो मरना भूल गया”
firoj saifi · Sci-Fi Horror · 14 मिनट
- Writer
- firoj saifi
- Story
- THE HAUNTING OF BLACKWELL MANOR
- Chapter
- 6 of 7
- Category
- Sci-Fi Horror
- Reading time
- 14 min
- Words
- 2767
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
माया फर्श पर पड़ी थी।
उसकी सांसें तेज थीं।
आंखें खुली थीं, लेकिन वह कुछ देख नहीं रही थी।
उसके सामने सब कुछ धुंधला था।
एवा की आवाज अभी भी उसके कानों में गूंज रही थी—
“अब तुम्हें अपने असली पिता को याद करना होगा।”
माया ने मुश्किल से होंठ खोले।
“मेरे... पिता...”
उसके सामने खड़ी एवा अब छह साल की बच्ची नहीं लग रही थी।
उसका चेहरा बदल चुका था।
एक पल वह बच्ची दिखाई देती—
अगले ही पल माया की मां जैसी।
फिर—
एक अजनबी औरत।
फिर—
फिर से बच्ची।
जैसे ब्लैकवेल उसे तय नहीं कर पा रहा हो कि उसे किस चेहरे में रखना है।
डेनियल ने माया को उठाने की कोशिश की।
“माया।”
माया ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“वह जिंदा है।”
“कौन?”
“मेरे पिता।”
डेनियल कुछ कह पाता उससे पहले एलियास पीछे हट गया।
उसका चेहरा देखकर ही समझ आ रहा था कि उसने जो सुना था, उससे वह डर गया है।
माया ने उसकी ओर देखा।
“तुम जानते हो।”
एलियास चुप रहा।
“तुम मेरे पिता को जानते हो।”
“माया—”
“उनका नाम क्या है?”
एलियास ने जवाब नहीं दिया।
माया उठ खड़ी हुई।
“डॉ. वार्ड।”
उसकी आवाज इस बार बहुत शांत थी।
“अगर तुमने फिर झूठ बोला...”
वह उसके करीब गई।
“तो इस बार मैं तुम्हें माफ नहीं करूंगी।”
एलियास ने कुछ सेकंड उसकी आंखों में देखा।
फिर बहुत धीरे से कहा—
“उनका नाम था...”
वह रुक गया।
“एड्रियन कार्टर।”
माया के चेहरे पर कोई भाव नहीं आया।
जैसे यह नाम उसके लिए अजनबी था।
“एड्रियन... कार्टर?”
एलियास ने सिर हिलाया।
“तुम्हारे पिता।”
माया ने फुसफुसाकर कहा—
“मेरी मां ने कहा था कि मेरे पिता मर चुके हैं।”
“तुम्हारी मां ने बहुत सारी बातें कही थीं।”
“और कितनी झूठी थीं?”
एलियास ने जवाब नहीं दिया।
डेनियल ने पूछा—
“एड्रियन कार्टर कौन था?”
एलियास ने उसकी तरफ देखा।
“एक वैज्ञानिक।”
“किस चीज का?”
एलियास ने धीरे से कहा—
“मानव चेतना का।”
माया की आंखें सिकुड़ गईं।
“चेतना?”
“उसका मानना था कि इंसानी दिमाग सिर्फ यादें और भावनाएं नहीं रखता।”
“तो?”
“उसका मानना था कि इंसान के अंदर दूसरे अस्तित्वों के लिए भी जगह हो सकती है।”
डेनियल ने कहा—
“और उसने ब्लैकवेल में प्रयोग किए?”
एलियास ने सिर हिलाया।
“नहीं।”
माया ने पूछा—
“तो?”
एलियास ने कहा—
“ब्लैकवेल में प्रयोग उसी ने शुरू किए थे।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
1979
एक पुरानी प्रयोगशाला।
दीवारों पर कांच की बोतलें।
पुराने मेडिकल उपकरण।
मशीनों की धीमी आवाज।
एक आदमी अकेला बैठा था।
लगभग चालीस साल का।
काले बाल।
पतला चेहरा।
आंखों के नीचे गहरी थकान।
उसका नाम था—
एड्रियन कार्टर।
उसके सामने एक रिकॉर्डर चल रहा था।
“प्रयोग संख्या 42।”
उसने कहा।
“मानव मस्तिष्क मृत्यु के बाद कितनी देर तक सक्रिय रह सकता है—इस प्रश्न का उत्तर अभी भी स्पष्ट नहीं है।”
वह रुका।
“लेकिन आज हमने कुछ अलग पाया।”
रिकॉर्डर के सामने उसने एक पुरानी तस्वीर रखी।
एक बच्ची की।
“विषय ने उस व्यक्ति की आवाज सुनी जो मर चुका था।”
उसने सांस ली।
“आवाज कमरे के अंदर से नहीं आई।”
कुछ सेकंड की खामोशी।
“वह आवाज... विषय के अंदर से आई।”
रिकॉर्डर चलता रहा।
“अगर चेतना केवल मस्तिष्क में नहीं है...”
एड्रियन ने धीरे से कहा—
“तो मृत्यु के बाद वह जाती कहां है?”
उसने रिकॉर्डर बंद कर दिया।
और उसी समय प्रयोगशाला के कोने में रखा फोन बज उठा।
एक बार।
दो बार।
तीन बार।
एड्रियन ने फोन उठाया।
“हैलो?”
दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं।
सिर्फ सांस।
एड्रियन ने पूछा—
“कौन?”
फिर एक बच्ची की आवाज आई।
“पापा।”
एड्रियन का चेहरा जम गया।
“कौन है?”
“मैं हूं।”
“कौन?”
बच्ची ने कहा—
“तुम्हारी बेटी।”
एड्रियन ने धीरे से फोन नीचे रख दिया।
क्योंकि उसकी कोई बेटी नहीं थी।
वर्तमान
“यह संभव नहीं है।”
माया की आवाज कांप रही थी।
एलियास ने कहा—
“तुम्हें लगता है मैं यह नहीं जानता?”
“मेरे पिता वैज्ञानिक थे।”
“हां।”
“लेकिन अगर उन्होंने ब्लैकवेल में प्रयोग शुरू किए थे...”
माया ने गहरी सांस ली।
“तो मेरी मां उन्हें छोड़कर क्यों गई?”
एलियास ने कहा—
“क्योंकि उन्हें डर लगने लगा था कि वह क्या खोज चुके हैं।”
“क्या?”
एलियास ने एवा की ओर देखा।
“इसे।”
एवा दीवार के पास खड़ी थी।
उसने कहा—
“वह मुझे खोज रहा था।”
माया ने पूछा—
“क्यों?”
एवा ने कहा—
“क्योंकि उसे लगता था कि मैं मौत के बाद की दुनिया का रास्ता हूं।”
माया ने धीरे से कहा—
“तुम... इंसान नहीं हो?”
एवा मुस्कुराई।
“तुम्हें क्या लगता है?”
माया ने जवाब नहीं दिया।
एवा ने कहा—
“मैं तुम्हारे पिता की सबसे बड़ी गलती हूं।”
डेनियल ने पूछा—
“और माया?”
एवा ने उसकी ओर देखा।
“माया उसकी सबसे बड़ी सफलता।”
डेनियल का चेहरा सख्त हो गया।
“क्या मतलब?”
एवा ने कहा—
“उसने मुझे बनाया।”
फिर माया की ओर देखकर बोली—
“लेकिन उसने तुम्हें बनाया नहीं।”
माया के चेहरे पर उलझन थी।
“तो?”
एवा ने कहा—
“उसने तुम्हें पैदा किया।”
एक लंबी खामोशी।
“और फिर तुम्हारे अंदर मुझे डाल दिया।”
माया ने सांस रोक ली।
“क्या?”
एलियास ने आंखें बंद कर लीं।
“यही सच है।”
माया पीछे हट गई।
“नहीं।”
“माया—”
“नहीं!”
उसने दीवार पर मुक्का मारा।
“मैं कोई प्रयोग नहीं हूं!”
दीवार पर दरार फैल गई।
और उसी दरार से काला धुआं निकलने लगा।
एवा ने तुरंत कहा—
“वह सुन रहा है।”
डेनियल ने पूछा—
“कौन?”
एवा ने जवाब दिया—
“तुम्हारे सवालों के पीछे जो चीज रहती है।”
माया ने कहा—
“ब्लैकवेल?”
एवा ने सिर हिलाया।
“नहीं।”
“तो?”
एवा ने बहुत धीरे से कहा—
“एड्रियन।”
माया का दिल रुक सा गया।
“मेरे पिता?”
“हां।”
अचानक पूरा कमरा कांप उठा।
दीवार पर एक तस्वीर उभर आई।
एक परिवार की तस्वीर।
माया की मां।
एक युवा एड्रियन।
और उनके बीच—
एक छोटी माया।
लेकिन फोटो में कुछ अजीब था।
माया की मां मुस्कुरा नहीं रही थी।
एड्रियन भी नहीं।
दोनों कैमरे की तरफ नहीं देख रहे थे।
दोनों किसी तीसरे व्यक्ति की तरफ देख रहे थे।
फोटो के पीछे एक छाया थी।
माया ने पूछा—
“वह कौन है?”
एलियास ने तस्वीर देखी।
उसका चेहरा सफेद पड़ गया।
“मैंने इसे पहले कभी नहीं देखा।”
डेनियल ने कहा—
“लेकिन तुमने इसे पहचान लिया।”
एलियास चुप।
माया ने तस्वीर छीन ली।
पीछे लिखा था—
“परिवार — अंतिम चरण।”
नीचे एक तारीख।
12 मार्च 1998
माया ने तारीख पढ़ी।
उसके चेहरे पर अचानक डर उतर आया।
“यह मेरी जन्मतिथि है।”
डेनियल ने पूछा—
“क्या?”
माया ने कहा—
“मैं 12 मार्च 1998 को पैदा हुई थी।”
एलियास ने धीरे से कहा—
“नहीं।”
“क्या?”
“यह फोटो तुम्हारे जन्म से तीन महीने पहले की है।”
माया की आंखें फैल गईं।
“तो?”
एलियास ने फोटो को उलटकर देखा।
“इस तस्वीर में तुम हो।”
माया कुछ बोल नहीं पाई।
डेनियल ने कहा—
“यह कैसे संभव है?”
एलियास ने कहा—
“यही सवाल हमने 2004 में पूछा था।”
माया ने पूछा—
“और जवाब?”
एलियास ने उसकी आंखों में देखा।
“तुम पैदा होने से पहले ही ब्लैकवेल में मौजूद थीं।”
कमरे की हवा अचानक भारी हो गई।
माया ने धीरे से कहा—
“मैं... पैदा होने से पहले यहां थी?”
एवा ने कहा—
“तुम नहीं।”
माया ने उसकी तरफ देखा।
“फिर?”
एवा ने अपने सीने पर हाथ रखा।
“मैं।”
माया समझ नहीं पाई।
एवा ने कहा—
“तुम्हारी मां गर्भवती थी।”
माया की आंखें फैल गईं।
“वह यहां आई थी।”
एलियास ने कहा—
“एड्रियन उसे यहां लेकर आया था।”
“क्यों?”
“क्योंकि वह तुम्हें जन्म लेने से पहले ही देखना चाहता था।”
माया के चेहरे पर घृणा आ गई।
“एक बच्ची को?”
एलियास ने कहा—
“नहीं।”
उसने रुककर कहा—
“एक पोर्टल को।”
माया ने धीरे से पूछा—
“क्या?”
एलियास ने कहा—
“एड्रियन का मानना था कि गर्भ में पल रहा बच्चा दो दुनियाओं के बीच सबसे कमजोर सीमा होता है।”
“कौन-सी दो दुनिया?”
“जीवन।”
वह रुका।
“और मृत्यु।”
माया की सांसें तेज हो गईं।
“उसने क्या किया?”
एलियास ने कहा—
“उसने तुम्हारी मां को Room 17 में रखा।”
“और?”
“3:17 पर प्रयोग शुरू किया।”
माया ने अपनी रिंग देखी।
“फिर?”
एलियास ने कहा—
“तुम्हारी मां बेहोश हो गई।”
“और मेरे पिता?”
“वह खुश था।”
माया की आंखों में आंसू भर आए।
“क्यों?”
एलियास ने कहा—
“क्योंकि उसी रात पहली बार ब्लैकवेल ने किसी अजन्मे बच्चे को जवाब दिया।”
माया ने फुसफुसाया—
“मैंने?”
“हां।”
“मैंने क्या कहा?”
एलियास ने उसकी ओर देखा।
“तुमने सिर्फ एक शब्द कहा था।”
“क्या?”
एलियास ने बहुत धीरे से कहा—
“आओ।”
माया की आंखों के सामने सब घूम गया।
उसे लगा जैसे वह गिर जाएगी।
डेनियल ने उसे पकड़ लिया।
“माया।”
उसने आंखें बंद कर लीं।
और फिर...
एक आवाज उसके अंदर से आई।
“आओ।”
माया ने आंखें खोल दीं।
डेनियल ने पूछा—
“तुमने कुछ कहा?”
“नहीं।”
फिर आवाज आई।
“आओ।”
इस बार कमरे में सबने सुना।
एलियास पीछे हट गया।
“यह वही आवाज है।”
माया ने पूछा—
“किसकी?”
एलियास ने कहा—
“एड्रियन की।”
दीवार के पीछे से किसी के चलने की आवाज आई।
धीमी।
भारी।
ठक...
ठक...
ठक...
डेनियल ने बंदूक उठाई।
“कोई आ रहा है।”
एवा ने फुसफुसाया—
“वह आ गया।”
माया ने पूछा—
“कौन?”
एवा ने जवाब नहीं दिया।
दरवाजा अपने आप खुल गया।
गलियारे में एक आदमी खड़ा था।
लंबा।
पतला।
सफेद शर्ट।
काले बाल।
चेहरा उम्र से ज्यादा बूढ़ा नहीं था।
लेकिन उसकी आंखें...
माया ने तस्वीर में वही चेहरा देखा था।
उसके पिता का।
एड्रियन कार्टर।
माया की आंखों से आंसू निकल गए।
“पापा?”
आदमी मुस्कुराया।
“माया।”
डेनियल ने बंदूक तानी।
“वहीं रुकिए।”
एड्रियन ने उसकी तरफ देखा।
“डेनियल रीड।”
डेनियल जम गया।
“आप मेरा नाम जानते हैं?”
एड्रियन मुस्कुराया।
“मैं तुम्हें बहुत पहले से जानता हूं।”
“कैसे?”
एड्रियन ने कहा—
“क्योंकि तुम 2004 में यहां आए थे।”
डेनियल की सांस रुक गई।
“मैं?”
माया ने उसकी ओर देखा।
“क्या?”
डेनियल का चेहरा बदल गया।
“मुझे कुछ याद नहीं।”
एड्रियन ने कहा—
“यही तो तुम्हारी सबसे बड़ी समस्या है।”
फिर उसने माया की तरफ देखा।
“तुम दोनों को बहुत कुछ भूलना पड़ा।”
माया ने कांपते हुए पूछा—
“आप जिंदा कैसे हैं?”
एड्रियन हंसा।
“मैं मरा ही कब था?”
माया पीछे हट गई।
“मां ने कहा था कि आप मर चुके हैं।”
“तुम्हारी मां को बहुत कुछ मानना पड़ा।”
“किसलिए?”
एड्रियन की मुस्कान गायब हो गई।
“तुम्हें बचाने के लिए।”
“किससे?”
एड्रियन ने उसकी ओर देखा।
“मुझसे।”
कमरे में सन्नाटा।
माया की आंखों में आंसू थे।
“आपने मेरे साथ क्या किया?”
एड्रियन ने कहा—
“जो कुछ किया... तुम्हें बचाने के लिए किया।”
माया चीखी—
“झूठ!”
एड्रियन की आंखों में पहली बार गुस्सा आया।
“तुम्हें सच जानना है?”
“हां!”
“तो सुनो।”
वह धीरे-धीरे उसके पास आया।
“तुम्हारी मां ने मुझे छोड़कर जाने के बाद एक बच्ची को जन्म दिया।”
माया चुप रही।
“तुम।”
“हां।”
“लेकिन...”
एड्रियन ने कहा—
“तुम्हारी मां ने सोचा था कि वह तुम्हें मुझसे दूर रख सकती है।”
उसने माया की रिंग की तरफ देखा।
“लेकिन उसने गलती की।”
माया ने पूछा—
“क्या गलती?”
एड्रियन मुस्कुराया।
“उसने तुम्हारे अंदर मेरा हिस्सा छोड़ दिया।”
माया का चेहरा सफेद हो गया।
एवा चीखी—
“झूठ!”
एड्रियन ने उसकी तरफ देखा।
“तुम अब भी यहां हो?”
एवा पीछे हट गई।
“तुमने मुझे मारा था।”
एड्रियन ने कहा—
“नहीं।”
“तुमने मुझे कैद किया।”
“नहीं।”
“तुमने मेरी आत्मा निकाल दी!”
एड्रियन ने बहुत शांत आवाज में कहा—
“मैंने तुम्हें बनाया था।”
एवा चीख उठी।
पूरा कमरा कांपने लगा।
दीवारें फटने लगीं।
डेनियल ने माया को पीछे खींचा।
एड्रियन ने हाथ उठाया।
अचानक सब कुछ शांत हो गया।
फिर उसने माया की ओर देखा।
“तुम्हें पता है ब्लैकवेल मैनर इतना शक्तिशाली क्यों है?”
माया ने कुछ नहीं कहा।
“क्योंकि यह घर किसी राक्षस का घर नहीं है।”
वह धीरे-धीरे मुस्कुराया।
“यह घर मेरे लिए बनाया गया था।”
माया की आंखें फैल गईं।
“किसने बनाया?”
एड्रियन ने जवाब दिया—
“मैंने।”
अचानक पीछे से दरवाजा बंद हो गया।
एड्रियन ने कहा—
“अब तुम मेरे साथ चलोगी।”
माया ने सिर हिलाया।
“नहीं।”
“तुम्हारे पास विकल्प नहीं है।”
डेनियल उसके सामने आ गया।
“उससे दूर रहो।”
एड्रियन ने डेनियल को देखा।
“तुम अभी भी वही गलती कर रहे हो।”
“कौन-सी?”
“तुम सोचते हो कि तुम उसे बचा सकते हो।”
डेनियल ने बंदूक तान दी।
“एक कदम और बढ़े तो गोली मार दूंगा।”
एड्रियन मुस्कुराया।
“गोली चलाओ।”
डेनियल ने ट्रिगर दबाया।
धड़ाम!
गोली एड्रियन के सीने में लगी।
वह पीछे नहीं हिला।
न खून।
न घाव।
सिर्फ कपड़े में एक छोटा-सा छेद।
एड्रियन ने उस छेद को देखा।
फिर डेनियल की तरफ।
“अब तुम्हें समझ आ गया होगा।”
उसने अपनी उंगली घाव पर रखी।
घाव बंद हो गया।
“मैं जिंदा नहीं हूं।”
माया ने कांपते हुए पूछा—
“तो क्या हो?”
एड्रियन ने उसकी ओर देखा।
और पहली बार उसके चेहरे पर एक ऐसी मुस्कान आई जिसे देखकर माया की रीढ़ तक ठंडी हो गई।
“मैं वह हूं जो मृत्यु के बाद बचा था।”
अचानक माया के सिर में तेज दर्द हुआ।
उसने चीख मारी।
उसकी आंखों के सामने हजारों तस्वीरें घूमने लगीं।
उसका बचपन।
उसकी मां।
2004।
Room 17।
एवा।
और फिर—
एक आखिरी दृश्य।
एक अस्पताल।
एक नवजात बच्ची।
उसके पास माया की मां रो रही थी।
डॉक्टर ने कहा—
“मैडम... बच्ची की धड़कन नहीं है।”
मां ने बच्ची को उठाया।
“नहीं।”
डॉक्टर ने सिर हिलाया।
“हमें अफसोस है।”
घड़ी पर समय था—
3:17
फिर कमरे की लाइट बंद हुई।
और बच्ची ने आंखें खोल दीं।
माया ने वह दृश्य देखा।
और समझ गई—
वह बच्ची...
वह खुद थी।
लेकिन उसके जन्म के समय—
उसकी धड़कन नहीं थी।
फिर किसी ने उसके कान में फुसफुसाया—
“आओ।”
माया ने आंखें खोल दीं।
एड्रियन उसके सामने खड़ा था।
“अब तुम्हें सब याद आ गया?”
माया ने उसकी तरफ देखा।
उसकी आंखों में डर नहीं था।
सिर्फ गुस्सा।
“आपने मुझे वापस बुलाया था।”
एड्रियन ने कहा—
“हां।”
“आपने मुझे मरने नहीं दिया।”
“हां।”
“क्यों?”
एड्रियन आगे झुका।
“क्योंकि तुम्हारे अंदर वह चीज है जो मुझे अमर बना सकती है।”
माया ने धीरे से पूछा—
“क्या?”
एड्रियन मुस्कुराया।
“ब्लैकवेल का पहला दरवाजा।”
एवा अचानक चीखी—
“माया! भागो!”
एड्रियन ने उसकी ओर देखा।
एवा का शरीर अचानक हवा में उठ गया।
माया चीखी—
“एवा!”
एड्रियन ने हाथ बंद किया।
एवा दीवार से जा टकराई।
डेनियल ने एड्रियन पर हमला किया।
दोनों जमीन पर गिरे।
माया एवा की तरफ भागी।
एवा मुश्किल से बोल पाई—
“माया...”
“क्या?”
“तुम्हारे पिता...”
उसने कांपते हुए कहा—
“तुम्हें लेने नहीं आए।”
माया ने पूछा—
“तो?”
एवा की आंखें डर से फैल गईं।
“वह तुम्हें वापस करने आया है।”
“कहां?”
एवा ने पीछे अंधेरे दरवाजे की ओर देखा।
और फुसफुसाई—
“जहां से तुम आई थीं।”
अचानक पूरे मैनर में 3:17 की घड़ियां बजने लगीं।
एक।
दो।
दस।
सौ।
हजारों।
और उन सभी के बीच एक ही आवाज गूंजी—
“दरवाजा खोलो।”
माया ने पीछे देखा।
दीवार के बीच एक विशाल काला दरवाजा उभर चुका था।
उसके ऊपर एक नाम लिखा था—
BLACKWELL — ORIGINAL CHAMBER
माया ने धीरे से कहा—
“Original Chamber...”
एड्रियन ने पीछे से कहा—
“वहां तुम्हारे सारे सवालों के जवाब हैं।”
माया ने पलटकर उसे देखा।
“और अगर मैं वहां नहीं गई?”
एड्रियन मुस्कुराया।
“तो मैं तुम्हें याद दिला दूंगा कि तुम कौन हो।”
माया ने कहा—
“और अगर मैं गई?”
एड्रियन की मुस्कान गायब हो गई।
“तो शायद...”
वह रुका।
“तुम मुझे याद करोगी।”
माया ने दरवाजे की तरफ कदम बढ़ाया।
डेनियल ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“मत जाओ।”
माया ने उसकी ओर देखा।
“अगर मैं नहीं गई... तो यह कभी खत्म नहीं होगा।”
डेनियल ने कहा—
“और अगर गई तो?”
माया ने उसकी आंखों में देखा।
“शायद मैं वापस न आऊं।”
फिर उसने धीरे से उसका हाथ छोड़ दिया।
दरवाजा खुला।
अंदर पूरी तरह अंधेरा था।
माया ने पहला कदम रखा।
फिर दूसरा।
तीसरा।
दरवाजे के अंदर जाते ही पीछे से एवा की आवाज आई—
“माया!”
माया रुकी।
“क्या?”
एवा रो रही थी।
“एक बात याद रखना।”
“क्या?”
एवा ने कहा—
“तुम्हारे पिता ने तुम्हें जन्म नहीं दिया था...”
माया पलटी।
एवा ने आखिरी शब्द कहा—
“तुम्हारे पिता ने तुम्हें मरने से बचाया था।”
माया की आंखें फैल गईं।
और उसी क्षण दरवाजा बंद हो गया।
उसी समय...
ब्लैकवेल मैनर के बाहर जंगल में एक बूढ़ा आदमी खड़ा था।
उसके हाथ में एक पुरानी डायरी थी।
उसने घड़ी देखी।
3:17
उसने डायरी खोली।
पहले पन्ने पर एक नाम था—
एड्रियन कार्टर।
बूढ़े आदमी ने पन्ना पलटा।
अंदर एक तस्वीर थी।
माया की।
छह साल की।
और उसके पीछे एक और बच्ची।
एवा।
लेकिन तस्वीर के नीचे लिखा था—
“Subject A — मृत।”
बूढ़े आदमी ने अगला पन्ना खोला।
उस पर लिखा था—
“Subject B — मृत।”
फिर तीसरा पन्ना।
उस पर सिर्फ एक शब्द था—
“MOTHER — मृत।”
बूढ़े आदमी ने डायरी बंद कर दी।
फिर उसने जंगल की ओर देखा।
और बहुत धीरे से कहा—
“अब चौथा चरण शुरू होगा।”
पीछे से किसी ने पूछा—
“और माया?”
बूढ़े आदमी ने मुस्कुराकर कहा—
“माया अब माया नहीं रही।”
“तो वह क्या है?”
बूढ़े आदमी ने ब्लैकवेल मैनर की ओर देखा।
ऊपर एक खिड़की में माया खड़ी थी।
लेकिन उसकी आंखें पूरी तरह काली थीं।
बूढ़े आदमी ने कहा—
“वह अब दरवाजा है।”
और ब्लैकवेल मैनर की सबसे ऊंची खिड़की में...
माया ने धीरे-धीरे मुस्कुराया।
एपिसोड 6 समाप्त।
THE HAUNTING OF BLACKWELL MANOR · सभी भाग →
और कहानियाँ · More stories
- 🪞 behind the mirror · firoj saifi
- “अंधेरे में कोई है” · firoj saifi
- जिस रात मौत जागी · firoj saifi