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भाग 21: विक्टर रॉथ्सचाइल्ड का रहस्य और नया अनुबंध

Yogesh Kumar Maurya · Haunted Places · 9 मिनट

ओकवुड घाटी की उस मद्धम ढलती शाम में ब्लैकवुड मैनर की देहरी पर ठहरा सन्नाटा और भी गहरा हो गया था। टूटे हुए मुख्य द्वार की चौखट पर खड़ा वह अजनबी—विक्टर रॉथ्सचाइल्ड—पूरी तरह शांत और आत्मविश्वासी मुद्रा में मुस्कुरा रहा था। उसकी आँखों में न तो एल्डर थॉमस जैसी अंधी धार्मिक कट्टरता थी और न ही गैब्रिएल जैसी खूनी दीवानगी। उसकी उपस्थिति में एक अभिजात, नापे-तुले व्यापारिक सलीके की बू आ रही थी—एक ऐसा खतरा जो हथियारों से नहीं, बल्कि चालों और दस्तावेज़ों से वार करता है।
व्लाद ने अपने विशाल शरीर को नताशा के आगे ढाल बनाकर खड़ा रखा। उसके लंबे काले कोट का निचला हिस्सा ठंडी हवा में हल्का सा हिला। उसकी गहरी भूरी आँखें पलक झपकाए बिना विक्टर की हर हरकत का मुआयना कर रही थीं।
"विक्टर रॉथ्सचाइल्ड..." व्लाद की मखमली और सर्द आवाज़ उस धुंधली शाम में गूँजी। "मैंने तीन सौ सालों में ओकवुड के हर घराने और हर वंश का नाम सुना है, लेकिन रॉथ्सचाइल्ड नाम की कोई बेल इस घाटी की ज़मीन में नहीं पनपी। तुम कौन हो?"
विक्टर ने अपनी टोपी को हाथ में थामे रखा और एक हल्का सा सम्मानजनक नमन किया।
"आप बिल्कुल सही फरमा रहे हैं, मि. वोल्कोव," विक्टर ने बड़ी ही सधी हुई, दोस्ताना लहज़े में कहा। "मेरी जड़ें इस छोटी सी घाटी की कोहरे भरी गलियों से नहीं, बल्कि यूरोप के उन प्राचीन केंद्रीय अभिलेखागारों (Central Archives) से जुड़ी हैं जहाँ दुनिया भर के अनकहे इतिहास दफ़न हैं। एल्डर थॉमस और उसके सिरफिरे शिकारी तो महज़ स्थानीय रखवाले थे, जिन्हें यह भी नहीं मालूम था कि वे किस अमानत के ऊपर बैठे हैं।"
नताशा ने व्लाद के कंधे के पीछे से झाँकते हुए विक्टर के चेहरे की ओर देखा। विक्टर का चेहरा अस्वाभाविक रूप से झुर्रियों से मुक्त था, लेकिन उसकी आँखों में सदियों पुरानी थकान या अनगिनत रहस्यों को देखने की एक गहरी परछाई थी।
"अमानत?" नताशा ने हिम्मत जुटाकर अपनी आवाज़ को स्थिर रखते हुए पूछा। "आप किस अमानत की बात कर रहे हैं, मि. रॉथ्सचाइल्ड? और आप यहाँ इस समय क्या चाहते हैं?"
विक्टर की नज़रें नताशा पर टिकीं। उसकी आँखों में एक पल के लिए प्रशंसा का भाव उभरा।
"सुश्री नताशा... या मुझे कहना चाहिए, इस अमर कहानी की असली धुरी," विक्टर ने अपना चमड़े का ब्रीफकेस थोड़ा आगे किया। "मैं यहाँ कोई खूनी जंग लड़ने नहीं आया हूँ। थॉमस और गैब्रिएल जैसे बेवकूफों ने सोच लिया था कि चाँदी और आग से सदियों पुराने प्रेम और अभिशाप को मिटाया जा सकता है। मैं यहाँ एक 'अनुबंध' (Contract) लेकर आया हूँ—एक ऐसा सच जो केवल व्लाद के इस पिशाच रूप से नहीं, बल्कि उस वसीयत से जुड़ा है जो तीन सौ साल पहले नतालिया की मौत के तुरंत बाद लिखी गई थी।"
बंद दरवाज़ों के पीछे संवाद
व्लाद ने विक्टर की तरफ एक गहरी, भेदने वाली नज़र डाली। वह जानता था कि इस अजनबी को सिर्फ धमकियों से भगाया नहीं जा सकता था। विक्टर जिस जानकारी का दावा कर रहा था, वह व्लाद के अपने अतीत का वह गायब पन्ना हो सकता था जिसे उसने कभी नहीं खंगाला था।
"अंदर आओ," व्लाद ने रूखे स्वर में कहा और रास्ते से थोड़ा हट गया। "लेकिन याद रखना रॉथ्सचाइल्ड, इस हवेली की दीवारों के भीतर छलावा करने की कीमत सिर्फ एक ही होती है—और वह तुम अच्छी तरह जानते हो।"
विक्टर ने केवल मुस्कुराकर अपना सिर हिलाया और अपने नपे-तुले कदमों से हवेली के मुख्य हॉल में दाखिल हुआ।
वे तीनों ग्रैंड लाइब्रेरी में पहुँचे। नताशा ने मेज़ पर रखे पीतल के लैंप को जलाया। उसकी पीली रोशनी ने कमरे की महोगनी मेज़ और अलमारियों पर पसरे सन्नाटे को थोड़ा छाँटा। विक्टर ने अपना ब्रीफकेस मेज़ पर रखा और उसकी पीतल की सिटकनी को कट की आवाज़ के साथ खोल दिया।
ब्रीफकेस के अंदर से उसने काले मखमली कपड़े में लिपटा हुआ एक बेहद पुराना, धातु के फ्रेम वाला दस्तावेज़ निकाला। उस दस्तावेज़ की मुहर पर एक सील लगी हुई थी—एक ऐसी मुहर जिस पर दो सिर वाले गरुड़ और एक उल्टे गुलाब की आकृति बनी थी।
यह देखकर व्लाद का चेहरा अचानक सख्त हो गया। उसकी आँखों में क्षण भर के लिए आश्चर्य और गुस्से की एक ज्वाला कौंधी।
"यह सील..." व्लाद की आवाज़ में एक अजीब सी भारीपन आ गई। "यह 'हाई कौंसिल ऑफ इटरनल्स' की मुहर है। यह दस्तावेज़ तुम्हारे हाथ कैसे लगा?"
खोया हुआ वसीयतनामा और नतालिया का सच
विक्टर ने उस दस्तावेज़ को बहुत एहतियात के साथ मेज़ पर फैलाया।
"थॉमस और उसका 'ऑर्डर ऑफ द सिल्वर क्रूसिबल' कोई स्वतंत्र संगठन नहीं था, मि. वोल्कोव," विक्टर ने समझाना शुरू किया। "वे तो केवल इस 'हाई कौंसिल' के निचले स्तर के प्यादे थे। कौंसिल ने तीन सौ साल पहले जब देखा कि आप अमरता को गले लगा चुके हैं और नतालिया की रूह हर सौ साल में वापस लौटने का वादा कर चुकी है, तो उन्होंने इस ओकवुड घाटी को एक गुप्त प्रयोगशाला में बदल दिया।"
नताशा का दिल ज़ोर से धड़का। उसने उस पन्ने पर लैटिन और पुरानी जर्मन लिपि में लिखी पंक्तियों को देखा।
"प्रयोगशाला?" नताशा ने घबराकर पूछा। "क्या मतलब है आपका?"
"मतलब यह, सुश्री नताशा," विक्टर ने सीधे नताशा की आँखों में झाँकते हुए कहा, "कि व्लाद का यह अभिशाप केवल उनका अपना फैसला नहीं था। नतालिया की मौत के बाद, उसके परिवार ने अपनी ज़मीन और नतालिया की रूह के अवशेषों को बचाने के लिए कौंसिल के साथ एक गुप्त समझौता किया था। उस समझौते के तहत, हर सौ साल में नतालिया का पुनर्जन्म किसी दूर-दराज़ के शहर में होगा, और उसे एक अदृश्य डोर के ज़रिए खींचकर इस ब्लैकवुड मैनर तक लाया जाएगा।"
"झूठ!" व्लाद की दहाड़ से पूरी लाइब्रेरी थरथरा उठी। कमरे के दीयों की लौ थरथराकर नीली पड़ गई। व्लाद ने मेज़ पर अपनी मुट्ठी दे मारी। "नताशा का यहाँ आना उसकी अपनी नियति और हमारी आत्माओं का मिलन था! इसमें तुम्हारी कौंसिल की किसी साज़िश का कोई हाथ नहीं है!"
विक्टर अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिला। उसने ठंडे दिमाग से उस दस्तावेज़ के सबसे निचले हिस्से पर उंगली रखी, जहाँ तीन सौ साल पुरानी एक सूखी हुई रक्त-मुहर लगी थी।
"यदि यह झूठ होता, मि. वोल्कोव," विक्टर ने धीमी लेकिन चुभती हुई आवाज़ में कहा, "तो सुश्री नताशा के बचपन की उन यादों में इस हवेली के नक्शे क्यों थे? उन्हें शहर की भीड़भाड़ में हमेशा इस वीरान ओकवुड घाटी की पुकार ही क्यों सुनाई देती थी? कौंसिल ने इस चक्र को इसलिए बनाया था ताकि वे आपके पिशाची खून और एक पुनर्जन्म पाने वाली इंसानी रूह के मिलन से पैदा होने वाली ऊर्जा को अपनी अमरता के लिए इस्तेमाल कर सकें।"
नताशा का सिर चकराने लगा। उसके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसकती हुई महसूस हुई। उसने मेज़ के कोने को कसकर पकड़ लिया।
तो क्या उसकी अपनी पूरी ज़िंदगी—उसकी पढ़ाई, उसकी नौकरी, उसका इस हवेली का लाइब्रेरियन बनकर आना—यह सब किसी विशाल, सदियों पुराने अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र का महज़ एक मोहरा था? क्या उसका और व्लाद का यह अमर प्रेम सचमुच रूहों का मिलन था, या किसी कौंसिल के हाथों रचा गया एक खतरनाक नाटक?
व्लाद का अटूट विश्वास और नया अनुबंध
व्लाद ने नताशा की आँखों में फैली उस अगाध बेबसी और शंका को देख लिया। वह पलक झपकाते ही विक्टर के बिल्कुल करीब आ गया। उसने विक्टर का कोट कॉलर से जकड़ लिया और उसे हवा में आधा इंच ऊपर उठा दिया। व्लाद की लाल आँखें धधकने लगीं।
"तुम यहाँ ज़हर घोलने आए हो, रॉथ्सचाइल्ड," व्लाद के कैनाइन दाँत बाहर आ गए, उसकी आवाज़ में एक भयंकर पिशाची फुसफुसाहट थी। "तुम सोचते हो कि इस सड़ते हुए कागज़ के टुकड़े से तुम हमारे इस रिश्ते को एक साज़िश साबित कर दोगे? नताशा ने कल रात अपने दिल से उस लाल माणिक की ऊर्जा को जगाया था। वह किसी कौंसिल के पन्ने की मोहताज नहीं है!"
विक्टर का दम घुटने लगा, लेकिन उसने संघर्ष नहीं किया। उसने किसी तरह कहा, "मैंने यह... नहीं कहा कि... आप दोनों का प्रेम... झूठा है, मि. वोल्कोव... मैंने सिर्फ यह कहा कि... कौंसिल अब... उस फसल को काटने आ रही है... जिसे उन्होंने तीन सौ साल से सींचा है।"
व्लाद ने एक झटके में विक्टर को फर्श पर धकेल दिया। विक्टर खाँसते हुए अपने कोट को ठीक करने लगा।
नताशा ने आगे बढ़कर व्लाद की बाँह को पकड़ लिया। "व्लाद... रुको! इसे अपनी बात पूरी करने दो। हमें यह जानना होगा कि यह कौंसिल क्या चाहती है।"
विक्टर ने संभलते हुए मेज़ से उस दस्तावेज़ को उठाया और कहा, "कौंसिल का मानना है कि कल रात का 'ब्लड मून' का चक्र पूरा हो चुका है। नियम के मुताबिक, अब सुश्री नताशा को हवेली छोड़कर कौंसिल के केंद्रीय मुख्यालय—'द विएना कैसल'—चलना होगा, जहाँ उनकी शक्तियों का परीक्षण किया जाएगा। और यदि वे इनकार करती हैं, तो कौंसिल अपने सबसे घातक शिकारियों के पूरे लश्कर को इस ओकवुड घाटी में उतार देगी।"
"और यदि हम इस अनुबंध को ठुकरा दें?" नताशा ने अपनी आँखों में एक अनजानी सी चमक लाते हुए पूछा।
विक्टर ने एक गहरी, रहस्यमयी मुस्कान बिखेरी। उसने ब्रीफकेस से एक खाली, नया चर्मपत्र निकाला और उसे मेज़ पर रखा।
"तो फिर आपको एक 'नया अनुबंध' लिखना होगा, सुश्री नताशा," विक्टर ने कहा। "एक ऐसा अनुबंध जिसे न कोई कौंसिल तोड़ सके और न ही कोई पिशाच शिकारी। लेकिन उसकी कीमत बहुत भारी होगी—आपको और व्लाद को इस ओकवुड घाटी की सीमाओं को लांघकर उस दुनिया में कदम रखना होगा जहाँ से यह अभिशाप शुरू हुआ था।"
रात अब और गहरी हो चुकी थी। बाहर खिड़की के पार का कोहरा एक बार फिर से घना होने लगा था, लेकिन इस बार उस कोहरे में थॉमस या गैब्रिएल का डर नहीं था—इस बार उसमें उस प्राचीन कौंसिल का साया था जो पूरे यूरोप से इस ब्लैकवुड मैनर पर अपनी आँखें गड़ाए बैठी थी।
व्लाद ने नताशा की तरफ देखा। नताशा ने बिना किसी हिचकिचाहट के व्लाद का हाथ थाम लिया। वे समझ चुके थे कि उनका यह संघर्ष केवल इस हवेली तक सीमित रहने वाला नहीं था; यह तो एक बहुत बड़े, वैश्विक और प्राचीन युद्ध का केवल पहला अध्याय था।
क्रमशः

Writer
Yogesh Kumar Maurya
Story
मि. वैम्पायर वांट मी एवरी डे
Chapter
21 of 30
Category
Haunted Places
Reading time
9 min
Words
1649
Language
Hindi (हिंदी)
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