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भाग 17: एक वैम्पायर हंटर का ओकवुड में प्रवेश
Yogesh Kumar Maurya · Haunted Places · 6 मिनट
ब्लैकवुड मैनर के ठंडे और सीलन भरे वातावरण में अब पूर्णचंद्र की पूर्व संध्या का सन्नाटा गहराने लगा था। व्लाद वोल्कोव के सदियों पुराने दर्द भरे सच को जानने के बाद नताशा का मन डर की जंजीरों से पूरी तरह आज़ाद हो चुका था। लेकिन जिस तूफ़ान का अंदाज़ा व्लाद और नताशा लगा रहे थे, वह सिर्फ थॉमस और उसके अंधविश्वासी गुप्त समाज ('ऑर्डर ऑफ द सिल्वर क्रूसिबल') तक सीमित नहीं था। ओकवुड घाटी की बर्फीली सीमाओं पर एक नई और बेहद खतरनाक शक्ति कदम रख चुकी थी।
घाटी के प्रवेश द्वार पर, जहाँ चीड़ और देवदार के विशाल वृक्ष कोहरे में ढके हुए थे, एक पुरानी काली रंग की एसयूवी आ रुकी। कार का दरवाज़ा खुला और भारी बूट्स के चलने की खनकदार आवाज़ गूँजी।
कार से बाहर निकला व्यक्ति कोई साधारण मुसाफिर या खोजकर्ता नहीं था। उसने लंबे चमड़े का ओवरकोट पहन रखा था, जिसके अंदर विशेष प्रकार के ढालदार कवच सजे हुए थे। उसकी पीठ पर एक भारी धातु का बक्सा बँधा था और उसकी बेल्ट में चाँदी की गोलियों वाली पिस्तौलें, पवित्र जल के वाइल्स (Vials) और प्राचीन मंत्रों से अभिमंत्रित खंजर लटके थे।
उसका नाम गैब्रिएल वैन होलेन था—अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात, पिशाच शिकारियों (Vampire Hunters) के अंतिम वंश का सबसे घातक योद्धा।
शिकारी का आगमन और थॉमस से मुलाकात
गैब्रिएल ने अपनी आँखों से चश्मा हटाया। उसकी गहरी नीली आँखों में कोई दया या मानवीय संवेदना नहीं थी; वहाँ केवल शिकार को मिटाने की एक दीवानगी थी। उसने ओकवुड घाटी की ओर देखा, जहाँ दूर पहाड़ियों पर ब्लैकवुड मैनर की काली मीनारें कोहरे को चीरती हुई दिखाई दे रही थीं।
"तो यही है वह हवेली..." गैब्रिएल की कर्कश आवाज़ हवा में गूँजी। "तीन सौ साल से एक मरा हुआ शैतान यहाँ इंसानों के खून पर पल रहा है।"
तभी जंगल की झाड़ियों के पीछे से एल्डर थॉमस अपने दो नकाबपोश साथियों के साथ बाहर निकला। थॉमस का चेहरा अभी भी प्रतिबंधित खंड में व्लाद से हुई हार के खौफ और अपमान से लाल था।
"तुम आ गए, गैब्रिएल," थॉमस ने राहत की साँस लेते हुए कहा। "हमें लगा था कि तुम कल रात के पूर्णचंद्र से पहले नहीं पहुँच पाओगे।"
गैब्रिएल ने थॉमस को एक घृणास्पद नज़रों से देखा। "थॉमस, तुम्हारी कायरता की वजह से ही वह पिशाच आज तक ज़िंदा है। तुम और तुम्हारा यह बेवकूफ समाज चाँदी के कुछ खंजर लहराकर सोचते हो कि तुम तीन सौ साल पुराने वैम्पायर को मिटा दोगे?"
थॉमस तिलमिला उठा, लेकिन वह जानता था कि व्लाद को हराने के लिए उन्हें गैब्रिएल की क्रूर ताकतों और आधुनिक-प्राचीन हथियारों की सख्त ज़रूरत थी।
"वह लड़की... नताशा, अब पूरी तरह व्लाद के वश में हो चुकी है," थॉमस ने भड़काते हुए कहा। "वह उस पिशाच की ढाल बन गई है। अगर कल रात ब्लड मून के चरम पर उनका मिलन हो गया, तो व्लाद की अमरता अजेय हो जाएगी। फिर न तुम उसे मार पाओगे, न यह दुनिया।"
गैब्रिएल के चेहरे पर एक ठंडी, शैतानी मुस्कान तैर गई। उसने अपनी बेल्ट से एक विशेष चाँदी की क्रॉस-बो (Crossbow) निकाली, जिसके तीरों पर अभिमंत्रित तरल लगा हुआ था।
"लड़की वश में हो या न हो, मेरे लिए वह सिर्फ एक जरिया है," गैब्रिएल ने ठंडे स्वर में कहा। "वैम्पायर हंटर्स के नियमों में बलि की रक्षा नहीं, बल्कि शैतान का खात्मा पहला नियम है। अगर वह लड़की उस पिशाच के साथ खड़ी होगी, तो वह भी उसी आग में जलेगी।"
हवेली के भीतर खतरे की आहट
ब्लैकवुड मैनर की ग्रैंड लाइब्रेरी में बैठी नताशा को अचानक एक तीव्र सिहरन का अहसास हुआ। उसके गले में पहना वह लाल माणिक वाला हार अचानक अस्वाभाविक रूप से गर्म हो गया और उसमें से लाल रंग की एक हल्की सी धड़कन जैसी रोशनी निकलने लगी।
नताशा ने तुरंत हार को छुआ। उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। यह वही अहसास था जो किसी बड़े खतरे के आने पर होता था।
तभी लाइब्रेरी के अँधेरे कोने से व्लाद बाहर आया। उसके चेहरे की रंगत बेहद गंभीर थी और उसकी आँखें खिड़की के पार घने जंगलों पर टिकी हुई थीं। उसके लंबे कोट के पल्ले हवा के बिना ही डरावने ढंग से हिल रहे थे।
"व्लाद... क्या हुआ?" नताशा ने अपनी जगह से उठते हुए पूछा।
"कोई नया शिकारी घाटी की सीमा पार कर चुका है," व्लाद ने मखमली लेकिन बेहद सतर्क आवाज़ में कहा। "वह थॉमस के कायर दलदल का हिस्सा नहीं है। उसकी नसों में पिशाच शिकारियों का खूनी इतिहास दौड़ रहा है।"
नताशा का रंग उड़ गया। "वैम्पायर हंटर? क्या थॉमस ने किसी बाहरी को बुलाया है?"
"थॉमस हार से बौखला चुका है," व्लाद नताशा के करीब आया और उसके कंधों पर अपने ठंडे हाथ रखे। "गैब्रिएल वैन होलेन... उसका नाम ओकवुड की हवाओं में मौत की तरह गूँज रहा है। वह किसी नियम या दया को नहीं मानता। उसका मकसद सिर्फ मेरी रूह को मिटाना है, चाहे इसके लिए उसे इस पूरी हवेली को राख ही क्यों न बनाना पड़े।"
नताशा ने व्लाद की आँखों में देखा। वहाँ डर नहीं था, लेकिन एक अगाध चिंता थी—नताशा की सुरक्षा की चिंता।
"मैं आपसे दूर नहीं जाऊंगी, व्लाद," नताशा ने व्लाद का हाथ कसकर थाम लिया। "हमने जो सच स्वीकारा है, हम उसका सामना मिलकर करेंगे। अगर वह शिकारी आता है, तो उसे हमारी इस अमर मोहब्बत का सामना करना होगा।"
व्लाद ने नताशा के माथे पर अपने होठ टिकाए। "कल रात का पूर्णचंद्र हमारे लिए या तो हमेशा की मुक्ति लाएगा, या इस हवेली की दीवारों में एक और खूनी दास्तान दफ़न कर देगा।"
जाल बिछाने की शुरुआत
हवेली के बाहर, घने कोहरे के बीच गैब्रिएल ने अपने विशेष हथियारों को व्यवस्थित करना शुरू कर दिया था। उसने हवेली के चारों तरफ चाँदी के बारीक तारों का एक ऐसा अदृश्य जाल बिछा दिया था, जिससे बाहर निकलने का कोई भी रास्ता पिशाच की शक्तियों के लिए बेअसर हो जाए।
थॉमस और उसके गुप्त समाज के लोग पीछे खड़े होकर उस क्रूर शिकारी की तैयारियों को देख रहे थे।
"रात गहरा रही है," गैब्रिएल ने अपनी बंदूकों में चाँदी की गोलियाँ भरते हुए कहा। "कल जब लाल चंद्रमा आसमान के बिल्कुल बीचों-बीच होगा, तब हम ब्लैकवुड मैनर पर सीधा हमला करेंगे। व्लाद वोल्कोव की तीन सौ साल पुरानी यह अमरता कल रात हमेशा के लिए इतिहास के ढेरों में दफ़न हो जाएगी।"
जंगल की गहराइयों में उल्लू की तीखी चीख और चमगादड़ों का झुंड हवा में फड़फड़ाने लगा। ओकवुड घाटी की ज़मीन जैसे खुद अपनी साँसें रोककर उस आने वाली खूनी रात का इंतज़ार कर रही थी—वह रात जब प्यार, अभिशाप और मौत के बीच का अंतिम युद्ध छिड़ने वाला था।
क्रमशः
- Writer
- Yogesh Kumar Maurya
- Story
- मि. वैम्पायर वांट मी एवरी डे
- Chapter
- 17 of 30
- Category
- Haunted Places
- Reading time
- 6 min
- Words
- 1080
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
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