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भाग 18: जंगल में खूनी साज़िश और व्लाद का बचाव
Yogesh Kumar Maurya · Haunted Places · 9 मिनट
ओकवुड घाटी पर शाम का धुंधलका धीरे-धीरे एक भारी और खौफनाक चादर की तरह फैलता जा रहा था। हवा में ठंडक इतनी बढ़ चुकी थी कि हर साँस के साथ मुँह से सफेद भाप के गुबार निकल रहे थे। आसमान में बादलों की आवाजाही तेज़ हो चुकी थी और उन बादलों के छोर पर वह खूनी लाल रंग—'ब्लड मून' के उगने की पहली चेतावनी—साफ दिखाई देने लगा था।
ब्लैकवुड मैनर के भीतर का माहौल भी किसी युद्ध के मैदान से कम नहीं था। ग्रैंड लाइब्रेरी की विशाल महोगनी मेज़ के पास खड़ी नताशा के गले में वह लाल माणिक वाला हार लगातार धीमी, धड़कन जैसी रोशनी बिखेर रहा था। उसे महसूस हो रहा था कि हवेली के बाहरी घेरे पर कोई अदृश्य खतरा धीरे-धीरे कसता जा रहा है।
गैब्रिएल की खूनी साज़िश और जंगल का जाल
हवेली से कुछ ही दूर, ओकवुड के उस घने और प्राचीन देवदार के जंगल में, पिशाच शिकारी गैब्रिएल वैन होलेन अपनी खूनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा था। उसके साथ एल्डर थॉमस और उसके गुप्त समाज के कुछ चुने हुए सदस्य भी मौजूद थे।
गैब्रिएल ने अपने भारी बूट्स से बर्फ को रौंदते हुए पेड़ों के बीच विशेष प्रकार के चाँदी के अदृश्य तार और प्राचीन मंत्रों से अभिमंत्रित जंजीरें लगानी शुरू कर दी थीं। यह एक ऐसा जाल था जो किसी भी पिशाच की गति को पूरी तरह सुन्न कर सकता था और उसकी ताकतों को कमजोर कर सकता था।
"याद रखना, थॉमस," गैब्रिएल ने अपनी ठंडी और कर्कश आवाज़ में कहा, "व्लाद कोई साधारण पिशाच नहीं है। वह तीन सौ साल से इस घाटी की मिट्टी से जुड़ा हुआ है। जब तक हम उसके रक्षण तंत्र को नहीं तोड़ते, हम उस तक नहीं पहुँच सकते। और उस लड़की... नताशा, को लेकर चिंता मत करो। अगर वह हमारे रास्ते में आई, तो चाँदी की गोली उसके लिए भी उतना ही असरदार होगी।"
थॉमस के चेहरे पर घबराहट और क्रूरता का मिला-जुला भाव था। उसने कहा, "बस वह पिशाच खत्म हो जाना चाहिए, गैब्रिएल। इस घाटी को उसके श्राप से मुक्ति मिलनी चाहिए।"
गैब्रिएल ने अपनी क्रॉस-बो पर एक घातक, पवित्र जल में डूबा हुआ तीर चढ़ाया और हवेली की काली मीनारों की तरफ देखते हुए एक कुटिल मुस्कान बिखेर दी। "रात अपने चरम पर पहुँचने वाली है। चलो, शिकार का वक्त हो गया है।"
व्लाद का कड़ा फैसला
ब्लैकवुड मैनर के प्रतिबंधित खंड के पास, व्लाद वोल्कोव अपनी जगह पर पूरी तरह स्थिर खड़ा था। उसकी आँखें बंद थीं, लेकिन उसकी असाधारण पिशाच इंद्रियाँ जंगल के हर एक पाँव की आहट और गैब्रिएल की नीयत को साफ भाँप रही थीं।
नताशा धीरे-धीरे उसके पास आई और उसने व्लाद का हाथ अपने हाथों में थाम लिया। उसके हाथ बर्फ जैसे ठंडे थे। "व्लाद... वे आ रहे हैं, है ना? मैंने उस शिकारी के इरादों को अपने दिल में महसूस किया है।"
व्लाद ने अपनी आँखें खोलीं। उसकी लाल रंगत वाली पुतलियों में एक भयंकर और अदम्य साहस चमक रहा था। उसने नताशा के चेहरे को अपने दोनों हाथों से सहलाया और बहुत ही शांत लेकिन दृढ़ स्वर में कहा, "हाँ, नताशा। गैब्रिएल और थॉमस जंगल के रास्ते हवेली के मुख्य द्वार को घेर चुके हैं। वे सोचते हैं कि वे इस प्रतिबंधित खंड तक पहुँचकर हमें अलग कर देंगे।"
"तो आप क्या करेंगे?" नताशा की आवाज़ में फिक्र साफ झलक रही थी। "क्या आप उनका मुकाबला करने के लिए बाहर जाएंगे?"
"मैं उन्हें इस हवेली की देहरी तक नहीं आने दे सकता, नताशा," व्लाद ने अपने लंबे काले कोट को ठीक करते हुए कहा। "यह लड़ाई मेरी और उनकी है। वे तीन सौ साल से इस भ्रम में जी रहे हैं कि वे मुझे मिटा सकते हैं। लेकिन इस बार, मैं उन्हें यह बता दूंगा कि इस ओकवुड घाटी की परछाइयाँ किसके इशारे पर नाचती हैं।"
"मैं भी आपके साथ चलूँगी," नताशा ने बिना एक पल गंवाए कहा। "मैं अब डरने वाली नहीं हूँ, व्लाद। आपने सदियों अकेले इस दर्द को झेला है, इस बार मैं आपके साथ खड़ी रहूँगी।"
व्लाद ने नताशा की आँखों में देखा। वहाँ जरा सा भी संकोच नहीं था। उसने एक गहरी साँस ली और सिर झुकाकर स्वीकार कर लिया। "ठीक है... लेकिन मेरे बिल्कुल करीब रहना। गैब्रिएल का वह चाँदी का खंजर और उसके तीर साधारण नहीं हैं।"
जंगल और कोहरे के बीच पहला टकराव
व्लाद और नताशा ने हवेली के पिछले गुप्त दरवाजे से बाहर कदम रखा। जैसे ही वे बागीचे को पार करके ओकवुड के उस घने जंगल की सीमा पर पहुँचे, चारों तरफ का घना कोहरा और अधिक गाढ़ा हो गया। आसमान में वह 'ब्लड मून' अब आधा उभर चुका था, जिसकी खूनी रोशनी पेड़ों की शाखाओं से छनकर ज़मीन पर पड़ रही थी।
अचानक, पेड़ों के उस घने अंधेरे से एक तेज़ सीटी की आवाज़ गूँजी—ष्सूर्...
"संभलो!" व्लाद ने बिजली की फुरर्ती दिखाते हुए नताशा को अपनी बाहों में खींचा और एक बड़े देवदार के पेड़ के पीछे छिप गए।
ठीक उसी पल, एक चमकता हुआ चाँदी का तीर उस पेड़ के तने में धंस गया, जिससे उसके चारों तरफ नीली चिंगारियाँ उड़ने लगीं—वह तीर अभिमंत्रित था और अगर वह व्लाद या नताशा को छू जाता, तो भयंकर नुकसान पहुँचा सकता था।
"शाबाश, व्लाद! छुपना तुम्हारी पुरानी आदत है," जंगल के उस सन्नाटे को चीरती हुई गैब्रिएल की भारी और उपहास भरी आवाज़ गूँजी।
पेड़ों के उस कोहरे से गैब्रिएल वैन होलेन अपनी क्रॉस-बो ताने हुए बाहर निकला। उसके पीछे थॉमस और गुप्त समाज के कुछ लोग भी छिपते हुए आगे बढ़ रहे थे। गैब्रिएल की नीली आँखें अंधेरे में बिल्ली की तरह चमक रही थीं।
"तो यह है वह मशहूर पिशाच शिकारी," व्लाद नताशा को अपनी आड़ में सुरक्षित रखते हुए पेड़ के पीछे से बाहर निकला। उसका लंबा कोट हवा में लहरा रहा था और उसकी आँखें पूरी तरह से लाल हो चुकी थीं। "इंसानों की दुनिया के छोटे-छोटे कीड़े, जो खुद को भगवान का दूत समझते हैं।"
गैब्रिएल हँसा। उसकी हँसी में कोई नरमी नहीं थी। "तीन सौ साल का तुम्हारा यह खेल कल रात हमेशा के लिए बंद होने वाला है, वोल्कोव। और यह लड़की... यह मासूम लाइब्रेरियन, जिसे तुम अपनी नतालिया समझ बैठे हो, इसकी जान बचाना तुम्हारे बस में नहीं होगा।"
नताशा की अनूठी ताकत और व्लाद का बचाव
गैब्रिएल ने बिना देर किए अपनी क्रॉस-बो से एक के बाद एक दो और तीर व्लाद की तरफ छोड़ दिए।
व्लाद ने अपनी असाधारण पिशाच गति का इस्तेमाल करते हुए हवा में ही उन दोनों तीरों को अपने हाथों से पकड़ लिया। लेकिन गैब्रिएल ने इस बार कोई साधारण तीर नहीं छोड़ा था—दूसरे तीर के साथ एक भारी चाँदी की जंजीर जुड़ी हुई थी, जो व्लाद के हाथ से टकराते ही उसके पूरे शरीर पर कसने लगी।
"आह!" व्लाद के मुँह से दर्द की एक हल्की सी आह निकल गई। चाँदी के स्पर्श से उसकी त्वचा पर धुएँ की लकीरें उठने लगीं।
"व्लाद!" नताशा चीख पड़ी। वह खुद को रोक नहीं पाई। उसने पेड़ की आड़ छोड़ी और दौड़कर व्लाद के पास पहुँच गई।
जैसे ही नताशा ने उस चाँदी की जंजीर को अपने हाथों से छूने की कोशिश की, उसके गले में पड़े उस लाल माणिक वाले हार ने अचानक एक प्रचंड और blinding लाल रोशनी छोड़ी!
वह रोशनी किसी सूरज की तरह चमकी। उस तेज रोशनी के सामने गैब्रिएल और थॉमस को अपनी आँखें हाथों से ढँकनी पड़ गईं। गैब्रिएल चिल्ला उठा, "यह क्या रोशनी है?! यह कैसी ताकत है?!"
उस लाल माणिक की ऊर्जा ने उस चाँदी की जंजीर को पल भर में पिघलाकर राख कर दिया। व्लाद आज़ाद हो गया। उसकी आँखों की लालिमा अब क्रोध से प्रलयकारी रूप ले चुकी थी।
व्लाद ने एक ज़ोरदार दहाड़ लगाई, जिससे ओकवुड घाटी की ज़मीन थरथरा उठी। पेड़ों की पत्तियाँ एक साथ झड़ गईं। उस भयानक दहाड़ के दबाव से गैब्रिएल और थॉमस पीछे की तरफ जा गिरे।
"तुमने बहुत बड़ी गलती कर दी है, गैब्रिएल," व्लाद की आवाज़ गूँजी, जो किसी आसमानी बिजली जैसी लग रही थी। "तुमने मेरी रूह पर वार करने की कोशिश की है!"
गैब्रिएल ने घबराते हुए अपनी बेल्ट से एक पवित्र जल की शीशी निकाली और उसे फेंकने की कोशिश की, लेकिन व्लाद हवा में ऐसे गायब हुआ जैसे वह कोई धुआँ हो, और अगले ही पल वह सीधे गैब्रिएल के सामने हवा में प्रकट हुआ। उसने गैब्रिएल की गर्दन को अपनी मजबूत और ठंडी उंगलियों से दबोच लिया।
गैब्रिएल का दम घुटने लगा। उसके चेहरे का रंग नीला पड़ने लगा।
"व्लाद... रुक जाओ," तभी पीछे से थॉमस चिल्लाया, अपने हाथ में एक और खंजर लिए हुए। "अगर तुमने इसे मारा, तो हम इस पूरी हवेली को आग के हवाले कर देंगे!"
व्लाद ने अपनी लाल आँखों से थॉमस की तरफ देखा। उसकी एक फूँक से थॉमस दूर जाकर झाड़ियों में जा गिरा।
नताशा ने दौड़कर व्लाद का हाथ थामा और बहुत कोमलता से कहा, "व्लाद... इसे छोड़ दीजिए। हमें यहाँ खून-खराबा नहीं, बल्कि इस चक्र को हमेशा के लिए खत्म करना है। पूर्णचंद्र अब आसमान के बीचों-बीच पहुँचने वाला है। हमें हवेली में वापस चलना चाहिए।"
व्लाद ने गैब्रिएल की तरफ देखा, जो लगभग बेहोश होने की स्थिति में था। व्लाद ने एक झटके में गैब्रिएल को दूर फेंक दिया और उसकी छाती पर अपना बूट रखते हुए कहा, "आज रात मैं तुम्हारी जान बख्श रहा हूँ, गैब्रिएल, क्योंकि मेरी जंग तुमसे नहीं, बल्कि इस सदियों पुराने अभिशाप से है। अगर तुमने या तुम्हारे इन कायर साथियों ने फिर कभी ब्लैकवुड मैनर की सीमा पार की, तो अगली बार यह कोहरा तुम्हारा आखिरी ठिकाना बनेगा।"
व्लाद ने गैब्रिएल को छोड़ा और नताशा का हाथ पकड़कर तेज़ी से हवेली की तरफ मुड़ गया।
पीछे पड़े गैब्रिएल ने खाँसते हुए अपनी मुट्ठी ज़मीन पर भींच ली। उसकी नीली आँखों में हार की झुंझلاहट के साथ-साथ एक और भी खतरनाक साज़िश सुलगने लगी थी—"तुम जीत नहीं सकते, व्लाद... पूर्णचंद्र की यह रात तुम्हारा अंत लेकर आएगी!"
हवेली के अंदर पहुँचते ही मुख्य द्वार स्वतः बंद हो गया। बाहर 'ब्लड मून' अब अपनी पूरी खूनी भव्यता के साथ आसमान के केंद्र में आ चुका था, और ब्लैकवुड मैनर की वह आखिरी और सबसे खतरनाक रात अब शुरू हो चुकी थी।
क्रमशः
- Writer
- Yogesh Kumar Maurya
- Story
- मि. वैम्पायर वांट मी एवरी डे
- Chapter
- 18 of 30
- Category
- Haunted Places
- Reading time
- 9 min
- Words
- 1658
- Language
- Hindi (हिंदी)
- Price
- Free to read
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